मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपकाल ने कहा कि चुनावी व्यवस्था को भाजपा के नियंत्रण में लेकर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तो होना ही चाहिए, लेकिन कथित साजिश के मुख्य सूत्रधार ‘रंगा-बिल्ला’ का इस्तीफा होने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।


गांधी जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई स्थित ऐतिहासिक मणिभवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर AICC सचिव बी. एम. संदीप, रेहाना चिश्ती, पूर्व मंत्री अनीस अहमद, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक धीरज देशमुख, प्रदेश महासचिव एडवोकेट संदेश कोंडविलकर, जोजो थॉमस, बृज दत्त और मोनिका जगताप सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
मीडिया से बातचीत में सपकाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने मणिभवन में लंबे समय तक निवास किया था और यहां कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठकें भी मणिभवन में हुई थीं। उन्होंने कहा कि गांधीजी को केवल जयंती या पुण्यतिथि पर याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आज गांधी विचारधारा और संविधान के मूल्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
सपकाल ने गांधी विचारधारा को छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और संत परंपरा के विचारों से जोड़ा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर भी टिप्पणी की और संघ को भंग कर उसके कार्यालय में भारतीय संविधान स्थापित करने की अपील की।
■ चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस का हमला
चुनाव आयोग से जुड़े सवाल पर सपकाल ने कहा कि आयोग को फॉर्म-6 में किए गए कथित मनमाने बदलाव वापस लेने पड़े हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए पूछा कि चुनाव अधिकारियों के अधिकार किसी निजी कंपनी को सौंपने का निर्णय किसने लिया था। उन्होंने चुनाव आयोग में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सभी लोगों को कांग्रेस के समर्थन की बात कही।
■ MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली पर भी सपकाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा कई बार आंदोलन किए जाने के बावजूद आयोग के कामकाज में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। वर्तमान छात्र आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन बताते हुए उन्होंने कहा कि MPSC अध्यक्ष का इस्तीफा होना चाहिए और यह विद्यार्थियों की उचित मांग है।
■ महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
महंगाई के मुद्दे पर सपकाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास महंगाई पर नियंत्रण पाने की ठोस नीति नहीं है और आम जनता लगातार महंगाई का बोझ झेल रही है।
सपकाल ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि हुई थी, लेकिन सरकार ने इसका बोझ आम जनता पर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने दावा किया कि उस समय पेट्रोल करीब 70 रुपये प्रति लीटर और गैस सिलेंडर करीब 450 रुपये में उपलब्ध था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार चुनिंदा उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और आम जनता की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है।


