मुंबई वार्ता संवाददाता

खार पुलिस ने भारत में अवैध रूप से रह रहे छह बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस की जांच में एक आरोपी द्वारा बांग्लादेश से लोगों को भारत लाने, उनके लिए भारतीय पहचान पत्र, रेल यात्रा, रहने की जगह और रोजगार की व्यवस्था कराने में मदद किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार करने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।


खार पुलिस थाने की टीम ने 29 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की। हिरासत में लिए गए छह लोगों के पास उपलब्ध दस्तावेजों और पहचान संबंधी जानकारी की जांच के दौरान प्रथमदृष्टया उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई।


पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी इकबाल अकबरअली शेख उर्फ गौतम सुनील दत्ता (35) की भूमिका सामने आई। पूछताछ में उसके द्वारा बांग्लादेश से लोगों को भारत लाने में मदद करने तथा उनके लिए पहचान पत्र, रेल यात्रा, रहने की व्यवस्था और रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद खार पुलिस थाने में गु.र. क्र. 1645/2026 के तहत इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स लॉ, 2025 की धारा 24 के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने जिन छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनमें इकबाल अकबरअली शेख उर्फ गौतम सुनील दत्ता (35), राणा मोल्ला इमदादुल मोल्ला उर्फ राणा शाह (20), समीम मिझानूर सरदार उर्फ राजू नरेंद्र (25), मोसमद मुंजिला खातून उर्फ सिला सरदार उर्फ रिया दत्ता (23), माफुजा अख्तर लिमा मो. हाशम काजी उर्फ कविता शाह (25) और हलीमा अख्तर मो. झिल्लू खान उर्फ मोनिका दत्ता (26) शामिल हैं।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन से अलग-अलग लोगों के नाम पर बनाए गए करीब 40 संदिग्ध/फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्रों के फोटो, महिलाओं के फोटो, क्यूआर कोड, रेल यात्रा के टिकट तथा अन्य डिजिटल जानकारी मिली है।
इसके अलावा आरोपी के निवास स्थान की तलाशी के दौरान बांग्लादेश की बांग्लालिंक कंपनी का एक सिम कार्ड और विभिन्न लोगों के नाम पर बने 20 संदिग्ध/फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। आधार कार्ड वास्तविक हैं या फर्जी तथा उन्हें किन दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया, इसकी जांच संबंधित सक्षम प्राधिकरण के माध्यम से की जा रही है।
खार पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार करने वाले लोगों, बांग्लादेश से भारत में अवैध प्रवेश कराने वाले मध्यस्थों या एजेंटों, रेल यात्रा और रहने की व्यवस्था कराने वालों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।


