● सत्ता के भागीदार ही विरोध पर उतरे
● भाजपा से भी नहीं मिल रहा समर्थन
श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

भाजपा विधायक एवं मंत्री नीतेश राणे झटका मटन सर्टिफिकेट अर्थात मल्हार सर्टिफिकेशन के मामले में घिरते नजर आ रहे हैं. उनकी इस हालत पर मुंबई में प्रचलित एक कहावत एक दम खरी उतरती है कि- खाया- पिया कुछ नहीं, ग्लास तोड़ा बारह आना.
दरअसल कट्टर हिन्दुत्व वादी नेता की छवी बनाने के चक्कर में महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने हाल ही में ‘मल्हार सर्टिफिकेशन’ नाम से नई पहल शुरू की. उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय के लोग केवल मल्हार सर्टिफिकेट प्राप्त दुकानों से ही मटन खरीदें, ताकि मांस में मिलावट से बचा जा सके और हिंदू युवाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिल सके. यह पहल हलाल और झटका मांस के बीच के अंतर बताने के लिए शुरू की गई है. इसके अलावा उन्होंने यह भी घोषणा कर दी कि झटका मटन बेचने का ‘मल्हार सर्टिफिकेट ‘ सिर्फ हिन्दुओं को ही दिया जाएगा.
अब बेचारे मंत्री जी को शायद मालूम नहीं है कि जिस मुस्लिम जमात को वे इस धंधे से बेदखल करना चाह रहे थे, वो तो पहले से ही अपने आप को झटका मटन के धंधे से दूर ही रखता है. क्योंकि इस्लाम के अनुसार झटका मटन खाना या बनाना दोनों ही इस्लाम विरुद्ध है.
अब बात करते हैं हिन्दू समुदाय की तो ज्यादातर मांसाहारी हिन्दू हलाल मटन ही खाते हैं. जानकारों के अनुसार किसी भी बकरे का गला रेतकर छोड़ने से उसके शरीर का पूरा खून बाहर निकल जाता है. जबकि झटके से बकरा काटने पर उसके शरीर का खून बाहर नहीं निकलता, मांस में फैल जाता है. ऐसा मटन खाने से कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं. इसीलिए आम तौर पर हिन्दू हो या मुसलामान हर कोई हलाल मटन ही पसंद करता है.
उधर दूसरी तरफ इस सर्टिफिकेट को ‘मल्हार ‘ नाम दिए जाने से मराठियों का एक वर्ग खासा नाराज हुआ है.


इस बीच राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार ने उनके बयान से किनारा करते हुए कहा कि, ” इस तरह के बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.”
उन्होंने मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे की तरफ इशारा करते हुए कहा, ”विपक्ष हो या सत्ता पक्ष, महाराष्ट्र में ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. महाराष्ट्र का नेतृत्व करने वाले सभी गणमान्य लोगों ने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिश की.”
राष्ट्रवादी कॉंग्रेस पार्टी अध्यक्ष एवं उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना करते समय जातियों या समुदायों के बीच भेदभाव नहीं किया. उन्होंने सभी को साथ लेकर हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की. नई पीढ़ी को यह हमेशा याद रखना चाहिए.”
उन्होंने कहा, ”दोनों पक्षों के सदस्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी बयान से कानून और व्यवस्था की समस्या न हो. हमारे देश और महाराष्ट्र में एक बड़ा मुस्लिम समुदाय है जो अपने देश से प्यार करता है.”
पवार ने कहा, ”अगर हम इतिहास पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ जो लोग थे, उनमें मुसलमान भी थे. उनका गोला-बारूद कौन संभाल रहा था? कई उदाहरण दिए जा सकते हैं.”
पवार ने यह भी कहा कि, ”उन्होंने (नितेश राणे) ऐसा बयान क्यों दिया और उनके बयान के पीछे क्या इरादा था, यह पता नहीं, लेकिन कोई भी मुसलमान जिसे अपने देश पर गर्व है, वह देशभक्त है.”
अक्सर किसी भी भाजपा नेता के ख़िलाफ़ हुई बयानबाजी की खिलाफत करने अन्य भाजपा नेता मैदान में उतर जाते हैं. लेकिन इस बार मंत्री नीतेश राणे के खिलाफ उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा दिए गए बयान की खिलाफत करने या नीतेश राणे का बचाव करने हेतु कोई भी भाजपा नेता सामने नहीं आया.
भाजपा पार्टी सूत्रों के अनुसार नीतेश राणे के किसी करीबी ने उन्हें समझाया है कि मुसलामानों के ख़िलाफ़ बयानबाजी करके ही बाला साहब ठाकरे की हिन्दू हृदय सम्राट की छवी बनी थी. बाला साहब के बाद महाराष्ट्र में कोई नेता उस स्तर तक नहीं पहुंच सका है. इस रिक्त पड़ी जगह पर आसीन होने की लालसा में ही नीतेश राणे कभी गुजराती समाज तो कभी मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं.
पिछली बार गुजराती समाज के खिलाफ बयानबाजी पर उनकी भाजपा पार्टी से ही उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था और अब इस बार अपने ही सहयोगियों से खरी-खोटी सुननी पड़ रही हैं.


