मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजना कोस्टल रोड (दक्षिण) की लागत अंतिम चरण तक १४,७७९ करोड़ रुपये तक पहुँच गई है। शुरुआत में इसके लिए १२,७२१ करोड़ रुपये का व्यय स्वीकृत किया गया था। यह देखा गया कि निर्माण, अतिरिक्त कार्यों और कराधान के बोझ में बदलाव के कारण लागत में लगभग २,०५८ करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।


मुंबई नगर निगम की कोस्टल रोड परियोजना, यानी कोस्टल रोड, लगभग पूरी हो चुकी है और इसे चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोला जा रहा है। प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से बांद्रा-वर्ली सी ब्रिज तक का यह खंड मुंबई की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत प्रदान करेगा। शुरुआत में इस परियोजना के लिए १२,७२१ करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। हालाँकि, निर्माण, अतिरिक्त कार्यों और कर के बोझ में बदलाव के कारण लागत में लगभग २,०५८ करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।


वर्ली में जल परिवहन के लिए रास्ता खोलने हेतु दो खंभों के बीच की दूरी बढ़ाकर १२० कर दी गई। इससे लागत में ९२२.९२ करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। परिणामस्वरूप, कुल लागत १३,९८३.८३ करोड़ रुपये हो गई। बाद में, समुद्र तट पर नए टेट्रापॉड के निर्माण कार्य के कारण, इस परियोजना की लागत में ४६.२७ करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिससे कुल परियोजना लागत १४,०३०.१० करोड़ रुपये हो गई।


