मुंबई वार्ता संवाददाता

साइबर ठगों के जाल में फंसे ५० वर्षीय बेस्ट कंडक्टर के खाते से ७ लाख रुपये की ठगी के बाद, अब पता चला है कि खाते में केवल ८६ रुपये ही बचे हैं। इस मामले में रफी अहमद किदवई मार्ग पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


13 अगस्त को, जब शिकायतकर्ता नियोजन कार्यालय में था, तभी उसे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। उसके सामने बैठे व्यक्ति ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया का कर्मचारी बताते हुए शिकायतकर्ता से कहा कि बैंक ऑफ इंडिया में उसका केवाईसी खाता अपडेट नहीं है, उसने इसे अपडेट करने के लिए कॉल किया, और उस व्यक्ति ने उससे उसके मोबाइल पर आया ओटीपी मांगा।


शिकायतकर्ता ने उसे ओटीपी देने से इनकार कर दिया और कहा कि वह खुद केवाईसी अपडेट कर लेगा। कॉल करने वाले साइबर ठग ने उन्हें बातों में उलझा लिया और उन्हें व्हाट्सएप ऐप का लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने को कहा। शिकायतकर्ता ने मोबाइल पर बैंक के नाम से ऐप लिंक पर क्लिक किया। बैंक का ऐप उनके मोबाइल पर दिखाई देने लगा। कॉल करने वाले ने शिकायतकर्ता से जन्मतिथि, मोबाइल नंबर जैसी निजी जानकारी भरने के लिए मजबूर किया। इसके बाद जालसाज ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते से ९ ट्रांजेक्शन किए, जिसमें कुल ६ लाख ८३ हजार ६९९ रुपये का गबन कर लिया।
अगली दोपहर शिकायतकर्ता ने यह देखने के लिए बैंक खाता चेक किया कि वेतन जमा हुआ है या नहीं। जब उन्होंने अपना खाता चेक किया, तो उनका वेतन उसमें जमा हो चुका था। हालांकि, उन्होंने देखा कि खाते में केवल ८६ रुपये ही बचे थे।जब उन्हें पता चला कि वे साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर १९३० पर कई बार कॉल किया। लेकिन, फ़ोन काम नहीं कर रहा था और व्यस्त था, इसलिए वे बांद्रा स्थित साइबर क्राइम ऑफिस गए और शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद, उन्होंने रफ़ी अहमद किदवई मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।


