मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मुंबई के तुर्भे एमआईडीसी क्षेत्र में अंबेडकर नगर के पास औद्योगिक इकाई क्रमांक डी-326 में आज सुबह एक गंभीर घटना घटी। गैस लीक होने के कारण 27 लोग प्रभावित हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार काम पर मौजूद महिला कर्मचारियों को अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उन्हें सिर में दर्द होने लगा। कुछ ही देर में २० से २५ महिला कर्मचारी बेहोश हो गईं। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इकाई में इस्तेमाल होने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) गैस लीक हुई है। इस जहरीली गैस से कुल 27 लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें तुरंत वाशी के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


इनमें से ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।इस घटना के बाद तुर्भे एमआईडीसी क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस, दमकल और आपातकालीन प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। संबंधित कंपनी से तुरंत काम बंद कराया गया और सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। एजेंसियों ने गैस लीक के मुख्य स्रोत का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
नवी मुंबई महानगरपालिका और औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। तुर्भे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन और आपदा प्रबंधन तंत्र के अधिकारी अलर्ट पर हैं। स्थानीय विधायक और नगरसेवक भी अस्पताल पहुंचे और घायल श्रमिकों से मिले। उन्होंने मदद का आश्वासन भी दिया है।
प्रारंभिक अनुमान है कि कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव हुआ है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनी में एक मशीन में अत्यधिक तापमान के कारण रिसाव हुआ। गैस रिसाव का कारण बनने वाली मशीन की जांच चल रही है। औद्योगिक सुरक्षा विभाग ने पूरी इकाई का ऑडिट करने का आदेश दिया है। साथ ही गैस रिसाव के मुख्य कारण की जांच की जा रही है। यह जानकारी जुटाई जा रही है कि कंपनी ने कोई गलती तो नहीं की है।
नवी मुंबई वाशी एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश मरीज बेहोशी की हालत में या चक्कर, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ आए थे। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन पर रखा गया है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तुर्भे एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित कंपनी पर तुर्भे औद्योगिक सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जा रहा है। इस बीच, सभी मरीजों की हालत स्थिर हो रही है, लेकिन कुछ अभी भी निगरानी में हैं।


