जय सिंह/ मुंबई वार्ता

मुंबई की मालाड पुलिस ने नकली आभूषणों को असली और कथित “खजाना” बताकर ₹25 लाख की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


इस मामले में एक मुंबई निवासी को सुनियोजित तरीके से झांसे में लिया गया था।गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं बाबूलाल भालाराम वाघेला (55 वर्ष),कोकुबाई बाबूलाल वाघेला (50 वर्ष),मंगलराम मनाराम वाघारी (34 वर्ष) औरकेसराम भागतराम वाघारी (41 वर्ष)।चारों आरोपी गुजरात और विरार क्षेत्र से पकड़े गए हैं। जबकि एक अभी भी फरार हैं।


मालाड पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को खजाना मिलने का दावा करते हुए पीड़ित को नकली सोने और ज्वैलरी को असली बताकर बेचा। सौदे के बाद जब पीड़ित को आभूषणों की असलियत का पता चला, तो उसने तत्काल मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।मामले की गंभीरता को देखते हुए मालाड पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य अहम सुरागों के आधार पर तेज़ी से जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने गुजरात और विरार से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली आभूषण, ठगी में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज़ और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी इसी तरह की ठगी की कई वारदातों में शामिल हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल से भी आगे की जांच कर रही है।मालाड पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे खजाना मिलने, सस्ते सोने या चमत्कारी लाभ जैसे किसी भी लालच में न आएं और इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।


