■ कर्मचारी को धमकाने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप।
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

पूर्व विधायक और प्रहार प्रमुख बच्चू कडू को मुंबई सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराया है। उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने और एक कर्मचारी को धमकाने का दोषी ठहराया गया है। इस मामले में मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इसके अनुसार, न्यायालय ने मंगलवार को उन्हें दोषी पाया और ३ महीने की जेल की सजा सुनाई। साथ ही, तीन अलग-अलग अपराधों में से प्रत्येक पर ५,००० रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।


सात साल पहले बच्चू कडू ने एक सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट की थी। उच्च न्यायालय में अपील दायर होने तक उनकी सज़ा निलंबित कर दी गई है। बच्चू कडू को तत्काल ज़मानत दे दी गई है।इस बीच, मुंबई सत्र न्यायालय द्वारा बच्चू कडू को सज़ा सुनाए जाने के बाद, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बच्चू कडू द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, परीक्षा पोर्टल में घोटाला हुआ था। उस समय, केंद्र में कोई सुविधा नहीं थी। छात्रों को परेशानी हो रही थी। परीक्षा प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार था। इस संबंध में आईटी निदेशक को पत्र लिखा गया था। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए, हम जवाब लेने उनके कार्यालय गए। उस समय, उन्होंने मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई क्योंकि मैंने लैपटॉप ले लिया था। कडू ने कहा कि व्यवस्था नहीं बदलती।


मुंबई सत्र न्यायालय ने बच्चू कडू को सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने बच्चू कडू को फटकार लगाते हुए कहा है कि उन्हें विधायक होने के नाते हमला करने का लाइसेंस नहीं मिला है।




