मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भरता का झुनझुना दिखाकर अर्थव्यवस्था की घोर अनदेखी की है, जिसके कारण ही ईंधन संकट पैदा हुआ है। कोई ठोस नीति नहीं होने के कारण पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी और एलपीजी गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। ईंधन की कमी होने वाली है, यह स्पष्ट दिखाई दे रहा था, फिर भी नरेंद्र मोदी पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में व्यस्त थे और इसकी बड़ी कीमत देश की जनता को चुकानी पड़ रही है। ईंधन की महंगाई और किल्लत नरेंद्र मोदी का ही पाप है, ऐसा जोरदार हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।


तिलक भवन में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार लगातार ईंधन की कीमतें बढ़ा रही है। इससे सरकारी तेल कंपनियों के साथ रिलायंस और नायरा जैसी निजी तेल कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है।


मोदी सरकार ने यदि तेल के लिए रिज़र्व फंड बनाया होता तो आज यह स्थिति नहीं आती, लेकिन सरकार ने कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दी, जो एक बड़ा भ्रष्टाचार है। ईंधन और गैस की किल्लत का बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट, छोटे उद्योग-धंधों और घरों के रसोई तक पर पड़ा है। नरेंद्र मोदी की गलत नीतियों के कारण ही अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।


■ 3000 रुपये में ही किसानों का पूरा प्याज़ खरीदा जाए
प्याज़ के मुद्दे पर महाराष्ट्र के आधा दर्जन मंत्री दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिले, लेकिन महाराष्ट्र को सिर्फ़ आश्वासनों की सौगात मिली। सरकार 1500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से प्याज़ खरीदने की बात कर रही है, लेकिन किसानों की मांग है कि 3000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से नाफेड के माध्यम से प्याज़ खरीदा जाए और किसानों का पूरा प्याज़ खरीदा जाए। नरेंद्र मोदी 2014 में नाशिक आए थे और कहा था कि “मैंने प्याज़ खाया है, किसानों के साथ बेईमानी नहीं करूंगा, सत्ता में आने पर 2400 रुपये भाव दूंगा।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उसी तरह के वादे किए थे, लेकिन अब वे सिर्फ़ 1500 रुपये भाव देने की भाषा कर रहे हैं, जो किसानों के साथ धोखा है। यदि सरकार किसानों की मांगें नहीं मानती, तो फिर से आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दी।
■ बकरी ईद के बहाने दंगे भड़काने की साज़िश
देश में दंगे करवाकर 2029 में फिर से सत्ता में आने की भाजपा की साज़िश है और बकरी ईद के बहाने जो माहौल बनाया गया, वह उसी दंगे की एक झलक थी। हर त्योहार में हिंदू-मुस्लिम मुद्दा लाकर धार्मिक वातावरण खराब करना भाजपा का एजेंडा है। दूसरी ओर, बकरी ईद के मुद्दे पर भाजपा द्वारा अपनाई गई भूमिका के कारण पशुपालन करने वाले लाखों किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, ऐसा भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।इस पत्रकार परिषद में वरिष्ठ प्रवक्ता अनंत गाडगील भी उपस्थित थे।


