मुंबई वार्ता संवाददाता

मानसून से पहले डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छरजनित रोगों पर नियंत्रण पाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपनी मच्छर प्रतिबंधक मुहिम तेज कर दी है। बीएमसी के कीटनाशक विभाग द्वारा जनवरी 2026 से 27 मई 2026 तक शहर के सभी 26 प्रशासनिक वार्डों में व्यापक स्तर पर जांच और फॉगिंग अभियान चलाया गया।


बीएमसी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस अवधि में कुल 22 हजार 80 क्षेत्रीय दौरे किए गए और 32 लाख 51 हजार 623 घरों की जांच की गई। इनमें से 30 लाख 17 हजार 220 घरों और परिसरों में धूम्रफवारणी (फॉगिंग) की गई।अभियान के दौरान डेंगू फैलाने वाले एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छरों के लार्वा 37 हजार 800 स्थानों पर पाए गए, जबकि मलेरिया फैलाने वाले एनॉफिलीस स्टिफेन्सी (Anopheles stephensi) मच्छरों के लार्वा 4 हजार 529 स्थानों पर मिले। बीएमसी की टीमों ने इन सभी संभावित मच्छर उत्पत्ति स्थलों को तत्काल नष्ट कर दिया।बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे के मार्गदर्शन में कीटनाशक विभाग के एक हजार से अधिक कर्मचारी, अधिकारी और कामगार लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में सर्वेक्षण और निरीक्षण कर रहे हैं।


टीमों द्वारा पानी की टंकियों, झोपड़पट्टियों में रखे पानी के ड्रम, प्लास्टिक और तिरपाल में जमा पानी, पुराने टायर, गमलों की तश्तरियां, सजावटी पौधों के गमले, नारियल के खोल, फेंकी गई बोतलों और उनके ढक्कनों में जमा पानी की विशेष जांच की जा रही है।बीएमसी ने अभियान के दौरान 540 पुराने टायर और 1 लाख 16 हजार 251 कबाड़ सामग्री हटाकर संभावित मच्छर उत्पत्ति स्थलों को समाप्त किया है। इसके अलावा शहर में चल रहे करीब चार हजार पुनर्विकास परियोजनाओं के सुरक्षा अधिकारियों को भी मच्छर नियंत्रण उपायों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे स्वयं विभिन्न इलाकों का दौरा कर कीटनाशक चौकियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रही हैं। वह कर्मचारियों और अधिकारियों से संवाद कर जमीनी स्तर की समस्याओं और उपायों की जानकारी भी ले रही हैं।बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें तथा डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें।


