मुंबई वार्ता संवाददाता

बनावट (फर्जी) APK फाइल्स के जरिए वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता को निशाना बनाकर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है।


■ घटना और ठगी का मामला
13 अगस्त 2026 को एक 72 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) का सीनियर मैनेजर “दिनेश कुमार” बताया। उसने पीड़ित को विश्वास में लेकर “सीनियर सिटीजन कार्ड” (Senior Citizen Card) बनाकर देने का झांसा दिया।


इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के व्हाट्सएप (WhatsApp) पर Senior Citizen Card Verification.apk नाम की एक फर्जी APK फाइल भेजी। पीड़ित से उनकी व्यक्तिगत और बैंक के डेबिट कार्ड की जानकारी भरने को कहा गया, जिसके जरिए आरोपी ने 5,62,000 रुपये की धोखाधड़ी कर रकम ऐंठ ली।
इस मामले में भायखला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसकी समानांतर जांच संपत्ति कक्ष (Property Cell), अपराध शाखा, मुंबई द्वारा की जा रही थी। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई के लिए मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया।
■ आरोपी की गिरफ्तारी और जब्ती
मामले में इस्तेमाल की गई APK फाइल की तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने आरोपी का सुराग लगाया। फर्जी APK फाइल विकसित (डेवलप) करने वाले 36 वर्षीय सॉफ्टवेयर डेवलपर आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
मध्य प्रदेश स्थित आरोपी के कार्यालय पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
1 पेन ड्राइव
1 सी.पी.यू. (CPU)
3 हार्ड डिस्क
1 वाई-फाई राउटर
3 मोबाइल फोन
■ 2,805 फर्जी APK फाइल्स और 15.75 करोड़ की ठगी
प्राथमिक तकनीकी जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी विभिन्न सर्वर सेवा प्रदाता कंपनियों से सर्वर किराए पर लेकर उनका इस्तेमाल कर रहा था। उसने कुल 2,805 दुर्भावनापूर्ण (Malicious) APK फाइल्स बनाकर अन्य साइबर अपराधियों के गिरोहों को बेची थीं।
देशभर में ठगी:
इन फर्जी APK फाइल्स के जरिए पूरे भारत में कुल 9,673 लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है।
हेल्पलाइन 1930 पर शिकायतें: साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भारत में 1,074, महाराष्ट्र में 143 और मुंबई में 36 शिकायतें दर्ज हैं।
■ कुल ठगी की राशि:
इसके जरिए कुल 15,75,00,000 रुपये (15.75 करोड़ रुपये) की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है।
■ मामले सुलझे: इस कार्रवाई से भारत में 88, महाराष्ट्र में 08 और मुंबई में 05 दर्ज मामले उजागर हुए हैं।
■ जांच टीम
यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, पुलिस सह आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्ण कान्त उपाध्याय, पुलिस उप आयुक्त (प्रकटीकरण) राज तिलक रौशन, और सहायक पुलिस आयुक्त (विशेष) सदानंद राणे के मार्गदर्शन में की गई।
प्रभारी पुलिस निरीक्षक मंगेश देसाई के नेतृत्व में संपत्ति कक्ष, अपराध शाखा, मुंबई टीम के पुलिस निरीक्षक दादा गायकवाड़, सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन जाधव, प्रकाश गवली, और पुलिस कर्मी अमित करपाते, विश्वनाथ पोल, योगेश गाढवे, निधी नाईक, तथा पश्चिम साइबर थाने के मयुर थोरात ने इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया।


