मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

मंगलवार आधी रात को एक व्यापारी ने बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर एक टैक्सी रोकी और समुद्र में कूद गया। व्यापारी अमित शांतिलाल चोपड़ा (47) नकली आभूषणों का व्यवसाय करते थे। आशंका है कि उन्होंने व्यावसायिक कारणों से आत्महत्या की है।


एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को उनके पास से कोई नोट नहीं मिला है, इसलिए परिवार से जानकारी मिलने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।चोपड़ा मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और उनके सभी रिश्तेदार वहीं रहते हैं। चोपड़ा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अंधेरी पश्चिम, मुंबई में रहते थे। मुंबई में उनका नकली गहनों का कारोबार भी था।


चोपड़ा ने मंगलवार रात 1 बजे एक टैक्सी ली। टैक्सी बांद्रा होते हुए सी लिंक पहुँची, तो चोपड़ा चिल्लाए कि उन्हें साँप ने काट लिया है। इससे टैक्सी ड्राइवर ने टैक्सी रोक दी। फिर चोपड़ा ने टैक्सी का दरवाज़ा खोला और सी लिंक से समुद्र में कूद गए। इससे टैक्सी ड्राइवर घबरा गया और उसने तुरंत सी लिंक के कर्मचारियों और पुलिस को इसकी सूचना दी।
बुधवार सुबह, समुद्र में मछली पकड़ने गए दो मछुआरों ने एक शव को तैरते हुए देखा। नाव के सांताक्रूज तट पर पहुँचने के बाद, उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद, सांताक्रूज पुलिस की एक टीम मछुआरों और दमकल विभाग की मदद से समुद्र में पहुँची। मछुआरे पुलिस को उस जगह ले गए जहाँ उन्होंने शव देखा था। वहाँ से शव को किनारे पर लाया गया। फिर शव को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की जाँच के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि व्यक्ति की मृत्यु बहुत पहले हो चुकी थी।
सांताक्रूज़ पुलिस ने सभी पुलिस थानों को शव मिलने की सूचना दी। उस समय, बांद्रा पुलिस को शक था कि यह वही व्यक्ति है जिसने बांद्रा-वर्ली सी लिंक से छलांग लगाई थी। इसलिए, जब उन्होंने वहाँ जाकर जाँच की, तो यह स्पष्ट हो गया कि शव चोपड़ा का ही था। चोपड़ा परिवार से उनका बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। चोपड़ा ने अपनी मृत्यु से पहले कोई नोट भी नहीं लिखा था। इसलिए, उनकी मृत्यु का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है।


