मुंबई वार्ता संवाददाता
शेयर बाजार में जब गिरावट आती हैं, तो सबसे ज्यादा हलचल उन ट्रेडर्स में देखने को मिलती हैं, जो तेजी के समय बाजार में कूदते हैं और गिरावट के समय अफरा-तफरी मचाने लगते हैं। फ़रवरी 2025 में जब बाजार गिरा, तो ब्रोकरेज कंपनियों के शेयर भी करीब 70% धड़ाम से गिरे। कारण साफ़ था—ट्रेडिंग से कमाई करने वाली इन फर्मों की लाभप्रदता पर गहरी चोट लगी थी, क्योंकि गिरावट में सबसे पहले ट्रेडर्स ही बाजार से बाहर भागते हैं। दूसरी ओर, निवेशकों का एक दूसरा वर्ग भी हैं—वे लोग जो बाजार को समझते हैं और गिरावट में अवसर देखते हैं। वे घबराने के बजाय SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में और ज्यादा निवेश कर अपनी संपत्ति बढ़ाने की रणनीति अपनाते हैं।दरअसल, बाजार में ट्रेडिंग करने वालों की संख्या *मजबूत-निवेशकों* की तुलना में हमेशा अधिक रही हैं।
शुरुआती दौर में लोग ट्रेडिंग करके बाजार का अनुभव लेते हैं, लेकिन जब उन्हें यह समझ आता हैं कि रोज़-रोज़ के उतार-चढ़ाव में समय और पूंजी दोनों ही बर्बाद हो रहे हैं, तो *वे अपने स्वयं के व्यवसाय या किसी स्थायी स्रोत पर ध्यान केंद्रित करने लगते हैं।* ऐसे लोग धीरे-धीरे शेयर ट्रेडिंग छोड़कर अपनी मेहनत की कमाई को *दीर्घकालिक निवेश* में लगाना शुरू करते हैं, जिससे उनकी संपत्ति कई गुना बढ़ती हैं।यही कारण हैं कि अब छोटे निवेशक भी अपनी सोच को व्यापक बना रहे हैं और वित्तीय साक्षरता बढ़ने के साथ ही *शेयर ट्रेडिंग की लत छोड़कर निवेश की ओर बढ़ रहे हैं।*ब्रोकरेज कंपनियां भी इस बदलते माहौल को समझ रही हैं। पहले जहां ये कंपनियां छोटे ट्रेडर्स से ब्रोकरेज कमाकर मुनाफा कमाती थीं, अब वे खुद म्यूचुअल फंड्स की ओर निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। कारण साफ़ हैं—और लॉन्ग टर्म निवेशकों की संख्या बढ़ रही हैं, यही वजह हैं कि अब ब्रोकरेज कंपनियां भी अपनी रणनीति बदल रही हैं और छोटे निवेशकों को ट्रेडिंग के बजाय व्यवस्थित निवेश (SIP) की राह दिखा रही हैं।
बाजार में जब भी गिरावट आती हैं, तो डर सिर्फ उन्हीं लोगों को लगता हैं, जो बाजार को एक सट्टा समझते हैं। म्यूचुअल फंड्स में *SIP करने वाले निवेशक तो इस गिरावट को एक उत्सव की तरह देखते* हैं। वे जानते हैं कि जितना ज्यादा बाजार गिरेगा, उतनी ही ज्यादा यूनिट्स उन्हें सस्ते में मिलेंगी और जब बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा, तो उनका निवेश कई गुना बढ़ जाएगा। यही कारण हैं कि जब ट्रेडर्स बाजार की गिरावट पर घबराते हैं, वहीं *SIP निवेशक मिठाई बांटकर खुशी मनाते हैं।
*समय बदल रहा हैं, सोच बदल रही हैं और निवेश के तरीके भी बदल रहे हैं। *जो लोग ट्रेडिंग में समय गंवाने की बजाय अपने व्यवसाय और दीर्घकालिक निवेश पर ध्यान दे रहे हैं, वे ही असली विजेता हैं।* बाजार में गिरावट आना स्वाभाविक हैं, लेकिन इस गिरावट को अवसर में बदलना एक समझदार निवेशक की पहचान हैं।सवाल यह हैं कि *”आप किस तरफ खड़े हैं—घबराने वालों की भीड़ में, या अवसर तलाशने वालों की कतार में?”*


