मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आयुक्त अश्विनी भिडे ने महानगरपालिका के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर को स्वच्छ, अतिक्रमणमुक्त और नागरिकों के लिए सुरक्षित व आकर्षक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी वॉर्डों के सहायक आयुक्तों को नियमित निरीक्षण करने, अस्पतालों की देखभाल, रंगरोगन, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करने को कहा है।


शनिवार को महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि मुंबई में बीएमसी की 500 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ‘हिंदुहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना’, पॉलीक्लिनिक, प्रसूतिगृह, विशेष अस्पताल और मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, जिनका हर वर्ष करीब दो करोड़ नागरिक लाभ उठाते हैं। ऐसे में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


बैठक में अतिरिक्त आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा, डॉ. अश्विनी जोशी, अभिजीत बांगर, डॉ. अविनाश ढाकणे, डॉ. एम. देवेंदर सिंह सहित सभी सह आयुक्त, उप आयुक्त और विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों का समय-समय पर संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और आवश्यक मरम्मत व रखरखाव नियमित रूप से किया जाए। अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा और हाउसकीपिंग कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, दिशादर्शक फलक आकर्षक बनाने, परिसर का सुशोभीकरण करने तथा स्वच्छतागृहों की नियमित सफाई और निर्जंतुकीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बीएमसी के सभी अस्पतालों में वर्तमान में कुल 14 हजार 653 बेड उपलब्ध हैं। नए अस्पताल शुरू होने के बाद इसमें करीब 4 हजार 556 अतिरिक्त बेड जुड़ेंगे। बीएमसी की स्वास्थ्य व्यवस्था में लगभग 21 हजार 299 स्थायी कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं।
■ सड़क विकास कार्य 31 मई तक पूरे करने के निर्देश
मुंबई में चल रहे सड़क विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अश्विनी भिडे ने सभी सड़क परियोजनाओं को 31 मई 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कें टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी गुणवत्ता के साथ बनाई जाएं। जहां इस मौसम में कंक्रीट सड़कें संभव नहीं हैं, वहां उच्च गुणवत्ता वाली मास्टिक सड़कें बनाई जाएं।
उन्होंने सड़क निर्माण के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, स्कूलों और अस्पतालों के पास स्पीड ब्रेकर पुनर्स्थापित करने तथा थर्मोप्लास्टिक मार्किंग और रंबलर स्ट्रिप्स जैसे आधुनिक सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश भी दिए।
■ मानसून से पहले खुले मैनहोल नहीं रहने देने के आदेश
प्री-मानसून तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में एक भी मैनहोल खुला नहीं रहना चाहिए। सभी मैनहोल पर सुरक्षा जालियां लगाने को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग विशेष सतर्कता बरतें।
साथ ही, जलभराव वाले स्थायी ‘क्रॉनिक स्पॉट्स’ पर दीर्घकालीन समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
■ बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वालों को पंजीकरण अनिवार्य
घनकचरा प्रबंधन विभाग की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि बड़े पैमाने पर कचरा उत्पन्न करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों के लिए बीएमसी में पंजीकरण अनिवार्य है। वर्तमान में करीब 17 हजार 624 संस्थाएं और व्यक्ति पंजीकृत हैं, जिनमें हाउसिंग सोसायटी, होटल, रेस्टोरेंट, मॉल, बाजार, आईटी कंपनियां, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल शामिल हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन संस्थाओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तत्काल पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, गीले कचरे का स्थल पर ही निस्तारण और पुनर्चक्रण योग्य कचरे को अधिकृत विक्रेताओं को सौंपना भी अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।


