■ घट रही देह व्यापार से जुड़ी महिलाएं,शिक्षा की ज्योति से बच्चों में फैली मुस्कान.
मुंबई वार्ता संवाददाता। भिवंडी

भिवंडी शहर के मध्य में स्थित हनुमान टेकरी नामक रेड लाइट क्षेत्र में तकरीबन 1500 से 2000 महिलाएं देह व्यापार में लिप्त थी।जिन्हें इस दलदल से निकाल कर जीवन को एक नई दिशा देने की पहल श्री साईं संस्था में वर्ष 2018 में शुरू की थी।


संस्था की अध्यक्ष स्वाति सिंह ने बताया कि उक्त बस्ती में शिक्षा की लौ को जलाने के लिए उन्होंने पहली अभ्यासिका केंद्र,श्रमजीवी संघटना के मदत से शुरू की थी।जो देह व्यापार से जुडी महिलाओ के बच्चो के लिए शुरू की गई थी।


उन्होंने बताया कि शुरूआत में अभ्यासिका केंद्र में बडी कठिनाइयां आई,बाद में धीरे धीरे बच्चो का मन अभ्यासिका मे लगने लगा और बच्चे संख्या बढ़ने लगी।जिसके कारण साधारण देह व्यापार से जुडी महिलाओं की संख्या अब मात्र 200 से 250 तक रह गई है।
स्वाति सिंह ने बताया कि देह व्यापार से जुड़ी महिलाओ के जीवन की समस्या अनगिनत थी।जिसका परिणाम उनके बच्चो के कोमल से मन पर होते हुए नजर आ रहा था।अभ्यासिका केंद्र में आने वाले बच्चे अपनी मन की बाते बेहेचक करने लगे।जिसके बाद संस्था द्वारा बच्चों के जीवन में परिवर्तन लाने की पहल शुरू की गई।क्योंकि जब तक बच्चो का माहौल, संगत नही बदलेगी तब तक उनका जीवन पुरी तरीके से परिवर्तित होना मुश्किल था। बार बार समोपदेशन करने पर बच्चो का भविष्य बदलने का सपना देखने वाली मां अब बच्चो को सरकारी हॉस्टेल में सीडब्ल्यूसी कमिटी के द्वारा प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया महिला बाल अधिकारी के सहयोग से शुरू हुआ।
“साथी ” नामक संस्था द्वारा हनुमान टेकडी इलाके के बच्चो के लिए अभ्यासिका तथा होस्टेल शुरू किए गए। श्री साई सेवा संस्था के मदत से सभी बच्चे धीरे धीरे अनगिनत कठिनाइयों को पार करते हुए सभी बच्चो को शिक्षा के माहोल में ढाल दिया गया।स्वाति सिंह ने बताया कि अब बस्ती मे किसी भी देव व्यापार से जुडी महिला का बच्चा गुंडा ,दादा या दलाल नही बनेगा,बल्कि शिक्षा के माध्यम से सभी बच्चो का जीवन बदल रहा रहा है।क्योंकि रेड लाइट क्षेत्र की महिलाएं समझ चुकी है कि बिना शिक्षा के बच्चो की उन्नती, प्रगती नही हो सकती है।
देह व्यापार से जुड़ी महिलाओ का कहना है कि श्री साईं सेवा संस्था की पहल पर अब उनके बच्चों में बदलाव दिख रहा है।वही बच्चे कहते है,” बडा होकर अपनी मा को पहले इस गली से ले जाऊंगा।आज बच्चे बडे हो रहे है यह सोचकर कर काफी महिलाएं बस्ती से बाहर निकल कर अपने आप मे बदलाव लाने लग गई है।स्वाति सिंह ने बताया कि रेडलाइट क्षेत्र की महिलाओ के दिशाहीन बच्चे उस देहव्यापार को चला रहे थे।क्योंकि उनको जीवन जीने का कोई दुसरा सहारा नही मिला पा रहा था। लेकिन यह बदलाव आज आ चुका है अब गुंडो की संख्या कम और पढने वाले बच्चो की उम्मीदे ज्यादा बढ गई है आज बच्चे सही और गलत का अंतर समजने लगे है।
हाल ही मे श्री साई सेवा संस्था का काम देखते हुए भिवंडी मनपा से देह व्यापार से जुडी महिलाए और सडको पर भटकने वाले, भीख मांगने वाले बच्चो की इस अभ्यासिका को शुरू रखने के लिए गार्डन मे स्थित एक हॉल का नियोजन करके दिया है।जो मनपा प्रशासन द्वारा लिया गया एक अच्छा निर्णय है।जिसमे रात्र -दिन श्री साई सेवा संस्था प्रयत्नशील है ,बच्चो का जीवन सही दिशा में शिक्षा के माध्यम से हो सवर सकता है।


