श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेग्युलेटेरी अथॉरिटी (महारेरा) ने राज्यभर के 8,212 गृहनिर्माण (हाउसिंग) प्रोजेक्ट्स को त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट अपडेट न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। यदि संबंधित डेवलपर्स 60 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते, तो इन प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन रद्द या स्थगित किया जा सकता है, साथ ही 50,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा।


महाराष्ट्र में फिलहाल कुल 33,029 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं। Real Estate Regulation and Development Act 2016 (रेरा) के तहत डेवलपर्स के लिए हर तीन महीने में प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी अपडेट करना अनिवार्य है। इसमें फ्लैट और गेराज की बिक्री, प्राप्त धनराशि, खर्च और बिल्डिंग प्लान में बदलाव जैसी जानकारी शामिल होती है, जिसे फॉर्म 1, 2 और 3 के माध्यम से वेबसाइट पर अपलोड करना होता है।
जनवरी, फरवरी और मार्च तिमाही की रिपोर्ट 20 अप्रैल तक अपडेट करना जरूरी था, लेकिन हजारों प्रोजेक्ट्स ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। उपभोक्ताओं को घर बैठे पारदर्शी जानकारी मिले, इसी उद्देश्य से यह नियम बनाया गया है।
महारेरा ने स्पष्ट किया है कि तय समय में जवाब न देने पर संबंधित प्रोजेक्ट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें प्रोजेक्ट का बैंक खाता फ्रीज करना, विज्ञापन और मार्केटिंग पर रोक, तथा फ्लैट बिक्री पर प्रतिबंध शामिल हैं।
क्षेत्रवार प्रभावित प्रोजेक्ट्स:
पुणे क्षेत्र: 2,311
कोकण व Mumbai Metropolitan Region: 4,644
खानदेश: 511
विदर्भ: 483
मराठवाड़ा: 238
दादरा-नगर हवेली: 18
दमण: 7
इस कार्रवाई से राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मच गई है और डेवलपर्स पर नियमों के पालन का दबाव बढ़ गया है।


