मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबईें चल रहे बड़े विकास प्रोजेक्ट्स के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। बीते एक हफ्ते में चार मजदूरों की दर्दनाक मौत ने प्रशासन और ठेकेदारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहर में इस समय मेट्रो, फ्लाईओवर और कोस्टल रोड जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम जारी है। लेकिन इन निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। लगातार हो रहे हादसों से मजदूरों की जान जोखिम में पड़ती दिख रही है।


हाल के दिनों में हुई घटनाओं में स्पष्ट हुआ है कि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की कमी, निगरानी में ढिलाई और काम के दौरान पर्याप्त सावधानी न बरतने के कारण मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
इन हादसों के बाद शहर में गुस्से का माहौल है। आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है और सवाल उठाया है कि आखिर मजदूरों की जान की कीमत क्या है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रह सकते हैं।


