मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

राज्यसभा चुनाव में मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को मुंबई के दादर में जोरदार प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में चुनाव आयोग और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।


प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, केंद्र की मोदी सरकार और महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार के खिलाफ नारे लगाए। “लोकतंत्र नहीं, तानाशाही है” और “चुनाव आयोग भाजपा की शाखा है” जैसे नारों से दादर क्षेत्र गूंज उठा।


आंदोलन में मुंबई युवक कांग्रेस अध्यक्ष जीनत शबरीन, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव ब्रिज दत्त, रानी अग्रवाल, जोजो थॉमस, प्रकाश सोनावणे, श्रीरंग बरगे, विश्वजीत हाप्पे, मनीष गणोरे, जीशान अहमद, राजा ठाकुर, श्रुति म्हात्रे, डॉ. मनीष पाटिल, राहुल पिंगळे और नवीन सिंह समेत सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय तिलक भवन के बाहर पुलिस का भारी बंदोबस्त तैनात किया गया था।
मीडिया से बातचीत में हर्षवर्धन सपकाळ ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा सरकार के इशारों पर काम कर रहा है और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का कोई वैधानिक आधार नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कथित लोकतंत्र-विरोधी कार्रवाई के खिलाफ पूरी ताकत से संघर्ष जारी रखेगी।
कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरा बताते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


