श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने मुंबई की विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक जमीनों के पुनर्विकास तथा हस्तांतरण को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का मुंबई महानगरपालिका पर नियंत्रण पाने का एकमात्र उद्देश्य शहर की बहुमूल्य जमीनें गौतम अडानी को सौंपना है।


वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि धारावी स्थित बेस्ट के दो महत्वपूर्ण बस डिपो अडानी समूह को सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित अस्थायी वैकल्पिक डिपो में वर्तमान में खड़ी बसों की आधी संख्या भी समायोजित नहीं हो सकती। बेस्ट प्रशासन स्वयं स्वीकार कर चुका है कि शेष बसों के संचालन की व्यवस्था कैसे होगी, यह स्पष्ट नहीं है। इसके बावजूद सरकार सार्वजनिक परिवहन की चिंता करने के बजाय अडानी के हितों को प्राथमिकता दे रही है।


उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्री आशीष शेलार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 7/12 दस्तावेज और अन्य तकनीकी पहलुओं का हवाला देकर वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। गायकवाड़ के अनुसार, कागजों पर हो या अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से, मुंबई की हर महत्वपूर्ण और पुनर्विकास योग्य जमीन अडानी समूह के नियंत्रण में दी जा रही है।
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि वर्ली और बांद्रा स्थित म्हाडा कॉलोनियों के पुनर्विकास में भी अडानी समूह सबसे आगे बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों की जमीनों को एक साथ जोड़कर परियोजनाओं को अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है। साथ ही, बांद्रा म्हाडा लेआउट से सटी एमएसआरडीसी की जमीन पहले से ही अडानी समूह के नियंत्रण में है।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि धारावी, मोतीलाल नगर, भारत नगर, मालवणी, देवनार, बांद्रा रिक्लेमेशन और म्हाडा लेआउट जैसे क्षेत्रों की जमीनें एक-एक कर प्रधानमंत्री के करीबी उद्योगपति को सौंपे जाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इसे मुंबई की जमीनों पर सुनियोजित कब्जा करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम मुंबईकरों के घर, अधिकार और भविष्य को दांव पर लगाकर एक उद्योगपति का साम्राज्य खड़ा किया जा रहा है।
गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई मुंबईकरों की है, किसी की निजी संपत्ति नहीं जिसे मनमाने ढंग से सौंप दिया जाए। उन्होंने इस कथित “भूमि हड़पने” की प्रक्रिया के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।


