■ 18 महीने में तैयार करने का लक्ष्य, महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय; इस्तेमाल के लिए देने होंगे 5 रुपये
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुंबई कोस्टल रोड (दक्षिण) के प्रोमेनेड पर 4.19 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बायो-टॉयलेट बनाने जा रही है। यह सामान्य सार्वजनिक शौचालय से अलग होगा। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की तकनीक पर आधारित सौर ऊर्जा से संचालित बायोडिग्रेडेबल शौचालय के रूप में विकसित किया जाएगा। बीएमसी के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग ने इसके निर्माण के लिए शुक्रवार को निविदा जारी की है।


इस परियोजना का उद्देश्य कोस्टल रोड पर आने वाले नागरिकों और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त शौचालय उपलब्ध कराना है।इस प्रस्तावित शौचालय में महिलाओं के लिए दो, पुरुषों के लिए दो, बच्चों के लिए एक और दिव्यांगजनों के लिए एक शौचालय सीट होगी। इसके अलावा छह यूरिनल और तीन वॉश बेसिन लगाए जाएंगे। शौचालय में सेंसर आधारित फ्लश प्रणाली, साबुन वितरित करने वाली मशीन, 1,000 लीटर क्षमता की पानी की टंकी और 3,000 लीटर क्षमता वाला बायो-डायजेस्टर टैंक भी उपलब्ध होगा।
महिलाओं की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यहां सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड के निपटारे के लिए इन्सिनरेटर भी लगाया जाएगा। इस तरह शौचालय में स्वच्छता, सुविधा और कचरा प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
■ सीवर लाइन नहीं होने के कारण अपनाई जाएगी बायो-डायजेस्टर तकनीक
मुंबई कोस्टल रोड का यह हिस्सा समुद्र में भूमि भराव करके विकसित किया गया है। यहां पारंपरिक सीवर लाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण शौचालय से निकलने वाले अपशिष्ट के निपटारे के लिए विशेष तकनीक की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ की बायो-डायजेस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके माध्यम से शौचालय से निकलने वाले जैविक अपशिष्ट का टैंक में ही जैविक प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इससे सीवर लाइन पर निर्भरता कम होगी और अपशिष्ट के प्रबंधन में मदद मिलेगी।
■ शौचालय इस्तेमाल करने के लिए देने होंगे पांच रुपये
बीएमसी की योजना के अनुसार, इस शौचालय का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पांच रुपये का भुगतान करना होगा। इसे ‘पे एंड यूज’ व्यवस्था के तहत संचालित किया जाएगा। परियोजना के लिए जारी निविदा के अनुसार, निर्माण कार्य को 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बीएमसी का यह प्रस्ताव कोस्टल रोड के प्रोमेनेड पर आने वाले नागरिकों, सुबह-शाम सैर करने वालों और पर्यटकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक उपयोगिता इसके निर्माण की गुणवत्ता, नियमित रखरखाव, स्वच्छता और सुविधाओं के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगी।


