● बीएमसी और स्वास्थ्य विभाग ने किया सतर्क, नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
सतीश सोनी/मुंबई वार्ता

हाल ही में मुंबई में कोविड-19 के मामलों में उछाल देखा गया है। बीते एक सप्ताह (12 से 18 मई के बीच) के भीतर शहर में 53 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है, जबकि पूरे महाराष्ट्र में मई महीने में अब तक कुल 80 केस सामने आए हैं। अप्रैल में यह संख्या महज 4 थी, जिससे यह वृद्धि चिंताजनक मानी जा रही है।हालांकि राहत की बात यह है कि इस वर्ष अब तक राज्य में कोरोना से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।


बीएमसी और राज्य स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।केईएम अस्पताल में हाल ही में दो मरीजों एक 14 वर्षीय बच्ची जो किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, और एक 59 वर्षीय कैंसर पीड़िता की मृत्यु हो गई थी। इन दोनों मरीजों की मौत के बाद कोविड-19 की जांच में वे पॉजिटिव पाई गईं, लेकिन चिकित्सा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मौत कोविड के कारण नहीं बल्कि उनकी पहले से चली आ रही गंभीर बीमारियों के कारण हुई थी।बीएमसी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए हैं।
केईएम अस्पताल के आठ कोरोना संक्रमित मरीजों को सुरक्षा के लिहाज से सेवन हिल्स अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां विशेष रूप से कोविड मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है।सेवन हिल्स अस्पताल में 20 मेडिकल आईसीयू बेड, 20 बेड बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए, और 60 सामान्य कोविड बेड आरक्षित किए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में तैयार रहा जा सके।
बीएमसी के अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कहा है कि यह मामूली उछाल ठंडे मौसम और घटती रोग प्रतिरोधक क्षमता इम्यूनिटी का परिणाम हो सकता है। कोविड-19 अब भारत में एक एंडेमिक यानी स्थानिक बीमारी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे संक्रमित अधिकतर मरीजों में हल्के लक्षण देखे जा रहे हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
बीएमसी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शहर के नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन लापरवाही भी न बरतें। यदि किसी व्यक्ति को कोविड के लक्षण महसूस हों जैसे बुखार, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में दिक्कत तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
इसके अलावा बीएमसी ने मास्क पहनने, हाथ धोते रहने और सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन यदि नागरिक लापरवाह हुए तो मामलों में और वृद्धि हो सकती है। सतर्कता और समय पर इलाज ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।


