मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। बहुप्रतीक्षित गोरेगांव -मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए करीब ₹1,662 करोड़ का सिविल कॉन्ट्रैक्ट हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) को सौंपा गया है।यह कॉन्ट्रैक्ट परियोजना के फेज-IV का हिस्सा है, जिसके तहत गोरगांव (पश्चिम) को मुलुंड (पूर्व) से जोड़ने के लिए सुरंगों और एलिवेटेड सड़कों का निर्माण किया जाएगा।


यह मार्ग संजय गांधी नेशनल पार्क क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।फिलहाल, शहर में पूर्व-पश्चिम यात्रा के लिए जोगेश्वरी- विक्रोली लिंक रोड जैसे मार्गों पर भारी भीड़ रहती है, जिससे यात्रियों को लंबा समय लगता है और प्रदूषण भी बढ़ता है। जीएमएलआर के पूरा होने के बाद एक वैकल्पिक हाई-कैपेसिटी मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और यातायात अधिक सुगम होगा।विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना न सिर्फ यात्रियों को राहत देगी बल्कि शहर के विभिन्न हिस्सों में संतुलित विकास को भी बढ़ावा देगी।


बेहतर कनेक्टिविटी से कम विकसित क्षेत्रों में भी रियल एस्टेट और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।हालांकि, पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण को लेकर चिंताएं भी जताई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के डिजाइन और निर्माण में पर्यावरणीय नियमों का पालन करते हुए नुकसान को न्यूनतम रखने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस तरह की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शहर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। जीएमएलआर के पूरा होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि शहर की समग्र उत्पादकता और जीवन गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है।


