श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई भर में संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के 11,01,505 रिकॉर्ड की जांच पूरी कर ली है। इस गहन जांच में सामने आया कि करीब 1.68 लाख मतदाता प्रविष्टियां (लगभग 15 प्रतिशत) वास्तव में डुप्लीकेट थीं, जो या तो एक ही वार्ड में या अलग-अलग वार्डों में दर्ज थीं।इन डुप्लीकेट मतदाताओं में से 24,721 लोगों ने पहले ही फॉर्म ‘ए’ भरकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे किस वार्ड में अपना नाम बनाए रखना चाहते हैं।


बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, शेष डुप्लीकेट रिकॉर्ड का सत्यापन 27 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि हर पात्र मतदाता का नाम केवल एक ही वार्ड की मतदाता सूची में रहे। 2026 के बीएमसी चुनाव से पहले विशेष अभियान2026 में होने वाले बीएमसी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान और उन्हें हटाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। इस दौरान घर-घर जाकर जांच और सॉफ्टवेयर आधारित सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया गया। जांच में कुल 1,68,357 प्रविष्टियां वास्तविक डुप्लीकेट पाई गईं।


अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से न हटे और पारदर्शिता बनी रहे। 53,800 से अधिक घरों का दौरापिछले कुछ दिनों में बीएमसी की टीमों ने करीब 53,800 घरों का दौरा कर डुप्लीकेट मतदाता पंजीकरण की पुष्टि की। जांच में पाया गया कि लगभग 89,000 मतदाता एक ही वार्ड में दो बार पंजीकृत थे, जबकि करीब 79,000 मतदाताओं के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज थे।
अधिकारियों के अनुसार, मुंबई जैसे गतिशील शहर में मतदाता सूची को अद्यतन रखना एक बड़ी चुनौती है, जिसमें व्यक्तिगत सत्यापन बेहद अहम साबित हुआ।किन वार्डों में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटरवार्ड-वार आंकड़ों के अनुसार:एल वार्ड (कुर्ला) – 16,532 डुप्लीकेट प्रविष्टियांके वेस्ट (अंधेरी पश्चिम) – 12,010आर साउथ (कांदिवली) – 11,618अब तक कुल डुप्लीकेट मामलों में से लगभग 57 प्रतिशत का सत्यापन पूरा हो चुका है। शेष मामलों का निपटारा जल्द किया जाएगा, जिसके बाद संशोधित अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों को सौंपी जाएगी।
■ डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था.
डुप्लीकेट पाए गए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में डबल स्टार के साथ चिन्हित किए गए हैं। ऐसे मतदाताओं को यह बताना होगा कि वे किस मतदान केंद्र पर वोट डालना चाहते हैं। जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है, उन्हें मतदान केंद्र पर हलफनामा देना होगा कि उन्होंने कहीं और मतदान नहीं किया है। इसका उद्देश्य दोहरा मतदान रोकना और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
■ वरिष्ठ नागरिकों को होम वोटिंग नहीं.
बीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीएमसी चुनावों में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए होम वोटिंग की सुविधा नहीं होगी। राज्य चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नगर निकाय चुनावों में पोस्टल या होम वोटिंग की अनुमति नहीं है। हालांकि, चुनाव ड्यूटी पर तैनात करीब 63,000 बीएमसी व सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान कर सकेंगे।



वोट चोरी का मामला