मुंबई वार्ता संवाददाता

घाटकोपर (पूर्व) स्थित राजावाड़ी अस्पताल में अत्यंत महत्वपूर्ण रक्त विघटन मशीन पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है, जिसके कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मशीन के अभाव में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के इलाज में देरी हो रही है, जिससे कई मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है। इस संबंध में मरीजों के परिजनों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा बार-बार शिकायतें की जा रही थीं। इन गंभीर मुद्दों को ध्यान में रखते हुए पूर्व पालकमंत्री मो. आरिफ (नसीम) खान ने राजावाड़ी अस्पताल का अचानक निरीक्षण दौरा किया।


निरीक्षण के दौरान नसीम खान ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। लंबे समय से मशीन बंद रहने के कारण विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सीटी स्कैन, एमआरआई एवं अन्य चिकित्सीय जांचें पीपीपी मॉडल के तहत बाहरी निजी संस्थाओं को दिए जाने के कारण मरीजों के परिजनों को ₹3,000 से ₹4,000 तक का खर्च वहन करना पड़ रहा है। साथ ही कई मरीजों को दवाइयां भी बाहर से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन सभी गंभीर मुद्दों पर नसीम खान ने राजावाड़ी अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. भारती राजुवाला से विस्तार से चर्चा की।


उन्होंने कहा कि ईशान्य मुंबई का यह एकमात्र ब्लड प्रोसेसिंग सेंटर होने के कारण मरीजों की जान से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए और इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है।इस अवसर पर नसीम खान ने महानगरपालिका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चंद्रकांत पवार से दूरभाष पर भी चर्चा की।


राजावाड़ी अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. भारती राजुवाला ने आश्वासन दिया कि आठ दिनों के भीतर रक्त विघटन मशीन को पुनः शुरू किया जाएगा तथा सभी आवश्यक चिकित्सीय जांचें और दवाइयां अस्पताल में ही मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस निरीक्षण के दौरान कांग्रेस के प्रभाकर जावकर, रामगोविंद यादव, समीर अख्तर, कमलेश कपाशी, मनीषा सूर्यवंशी, खलील खोत, गजानन भालेकर, इरफान खान, नासिर खान, रामजी शुक्ल, अली हसन हाशमी, दयानंद जगताप, जमील खान, अनवर सिद्दीकी, सुल्तान खान, बाबू शेख सहित सैकड़ों पदाधिकारी, मरीजों के परिजन तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


