श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता
मुंबई से सामने आए एक बड़े ठगी मामले में शिकायतकर्ता ने करीब 95.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। दर्ज एफआईआर (NCRB IIF-1 फॉर्म) के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने बिज़नेस और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा देकर कई किश्तों में रकम वसूली।

विनोद शुक्ला की शिकायत में बताया गया है कि आरोपी अरविंद श्रीवास्तव और उसके सहयोगियों ने पीड़ित को सरकारी अधिकारियों से पहचान और बड़े प्रोजेक्ट दिलाने का भरोसा दिलाया। इस भरोसे में आकर शिकायतकर्ता ने जुलाई 2021 से लेकर 2022 के अंत तक अलग-अलग बैंक खातों और नकद रूप में लाखों रुपये ट्रांसफर किए।दस्तावेज़ों के अनुसार, भुगतान पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में किया गया। इसके अलावा दिल्ली और मुंबई में कई बार नकद रकम भी दी गई। आरोप है कि कुल मिलाकर 95.50 लाख रुपये लिए गए, जबकि बदले में कोई काम या कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला।


एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज़ और सरकारी कनेक्शन का हवाला देकर पीड़ित का विश्वास जीता। बाद में जब काम पूरा नहीं हुआ, तो संपर्क टालने लगे और पैसे वापस नहीं किए।पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक पुलिस निरीक्षक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी अरविंद कुमार मुरलीधर श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। इसी मामले में तीन अन्य आरोपी संजय रमेश जैन, संतोष श्रीवास्तव और विवेक श्रीवास्तव की पुलिस तलाश कर रही है।


