■ 39 वर्षों की सेवा, सैकड़ों बड़े अपराधों का खुलासा: एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का प्रेरणादायी मनोगत
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

महाराष्ट्र पुलिस में लगभग 39 वर्षों तक सेवा देने वाले एवं राष्ट्रपती मेडल से सम्मानित सहायक पुलिस आयुक्त महेश तावडे ने अपने मनोगत में अपने लंबे और चुनौतीपूर्ण कार्यकाल का विवरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने वर्ष 1983 में पुलिस उपनिरीक्षक पद से अपनी सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद मुंबई शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न पुलिस थानों एवं अपराध शाखाओं में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।


अपने करियर के दौरान उन्होंने हत्या, डकैती, अपहरण, संगठित अपराध, तस्करी और गंभीर आर्थिक अपराधों से जुड़े कई जटिल मामलों की सफलतापूर्वक जांच की। वर्ष 2004 से 2012 के बीच अपराध शाखा में रहते हुए उन्होंने अनेक सनसनीखेज मामलों का पर्दाफाश किया और कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार करवाने में अहम भूमिका निभाई।मनोगत के अनुसार, उन्होंने न केवल बड़े आपराधिक गिरोहों को तोड़ा, बल्कि हथियारों की अवैध तस्करी, मादक पदार्थों के कारोबार और सुपारी किलिंग जैसे मामलों में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की।


कई मामलों में उन्होंने करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त कर राज्य सरकार को सौंपने में योगदान दिया।अपने कार्यकाल में उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए अनेक पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त हुए।
महेश तावडे ने अपने मनोगत में यह भी उल्लेख किया है कि पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने हमेशा कानून के दायरे में रहते हुए निष्पक्ष और निडर होकर काम करने का प्रयास किया।अंत में उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और न्याय के प्रति समर्पण का माध्यम है। उनका यह अनुभव युवाओं और नए पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की सेवा करना चाहते हैं।


