मुंबई वार्ता संवाददाता
सिंधुदुर्ग जिले के पर्यटन को गति देने के लिए राज्य स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा, और जिले में हो रहे ताज प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए आवश्यक अनुमतियाँ जल्द से जल्द ली जाएं, साथ ही जिले में पर्यटन प्रोजेक्टों को तेजी से पूरा किया जाए, यह निर्देश पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने दिए।
मंत्रालय में सिंधुदुर्ग जिले के पर्यटन विकास के संबंध में आयोजित बैठक में पर्यटन मंत्री देसाई ने यह बात कही।
इस दौरान पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक दीपक केसरकर, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव अतुल पाटणे, पर्यटन निदेशक डॉ. बी. एन. पाटील, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल के कार्यकारी निदेशक मनोज सूर्यवंशी, मत्स्य व्यवसाय आयुक्त किशोर तावड़े, दूरदर्शन द्वारा सिंधुदुर्ग के जिलाधिकारी अनिल पाटील, पर्यावरण विभाग के निदेशक अभय पिंपरकर, मुख्य अभियंता शैलेंद्र बोरसे, कोकण क्षेत्र के उप निदेशक हणमंत हेडे और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन मंत्री देसाई ने कहा कि, “सिंधुदुर्ग राज्य का पहला पर्यटन जिला है। जिले में पर्यटन विकास के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पर्यटन से संबंधित उपलब्ध योजनाओं और सुविधाओं के माध्यम से समन्वय साधने के लिए राज्य स्तर पर एक समिति गठित की जाएगी, जिससे सभी पर्यटन योजनाओं को गति दी जा सके। जिले में चल रहे ताज प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण संबंधी आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करने के साथ स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर इस प्रोजेक्ट को पूरा करें। चांदा से बांदा प्रोजेक्ट के लिए मंजूर कामों के लिए आवंटित निधि का उपयोग तेजी से किया जाए। सिंधुरत्न योजना, जिले में शुरू होने वाली सबमरीन और दोडामार्ग तालुकें के तिलारी पाटबंधारे प्रोजेक्ट में जल क्रीड़ाओं के कामों को विभाग द्वारा शीघ्र गति दी जानी चाहिए।”
इस दौरान विधायक केसरकर ने कहा कि सिंधुदुर्ग जिले के विकास के लिए पर्यटन विभाग को विशेष ध्यान देना चाहिए। जिले के प्रोजेक्टों को तेजी से पूरा किया जाए और पर्यटन प्रोजेक्टों के लिए पर्यटन विभाग को अधिक से अधिक निधि प्रदान करनी चाहिए।


