मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पंजीकृत फेरीवालों से अपील की है कि वे 26 जून 2026 तक अपने संबंधित वार्ड कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आवेदन का सत्यापन कराएं और क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्राप्त करें। बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद न तो सत्यापन किया जाएगा और न ही क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जा सकेंगे।


उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मुंबई के पंजीकृत फेरीवालों को क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र वितरित करने की प्रक्रिया 1 जून 2026 से महानगरपालिका के सभी 26 प्रशासनिक विभाग (वार्ड कार्यालयों) में शुरू की गई है। महानगरपालिका क्षेत्र के कुल 99,435 पंजीकृत फेरीवालों में से 8 जून तक लगभग 20 हजार फेरीवालों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।


बीएमसी प्रशासन के अनुसार सभी वार्ड कार्यालयों में पंजीकृत फेरीवालों की नामवार सूची प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों, फेरीवाला संगठनों और निर्वाचित फेरीवाला प्रतिनिधियों को भी यह सूची उपलब्ध कराई गई है। पंजीकरण आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर फेरीवालों को वार्ड कार्यालय में उपस्थित होकर सत्यापन कराने तथा क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्राप्त करने की सूचना दी जा रही है।
महानगरपालिका ने शेष पंजीकृत फेरीवालों से आग्रह किया है कि वे आवेदन की रसीद, आधार कार्ड की मूल प्रति और पासपोर्ट आकार के दो फोटो के साथ संबंधित वार्ड कार्यालय में पहुंचकर प्रक्रिया पूरी करें।
बीएमसी प्रशासन ने दोहराया है कि 26 जून 2026 के बाद किसी भी पंजीकृत फेरीवाले का सत्यापन अथवा क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र का वितरण नहीं किया जा सकेगा, इसलिए सभी लाभार्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लें।


