मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई, 15 अप्रैल: ग्रामीण महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पंजीकृत चिकित्सकों से स्वेच्छा से भागीदारी करने का आह्वान किया है।


उन्होंने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल को निर्देश दिए हैं कि सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) प्रणाली के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में दी गई सेवाओं के लिए चिकित्सकों को क्रेडिट पॉइंट्स दिए जाएं, जिससे उनका मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण किया जा सके।आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण ग्रामीण नागरिकों को उचित इलाज नहीं मिल पाता है। यदि पंजीकृत चिकित्सक गांवों में स्वेच्छा से सेवा दें, तो बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं वहां तक पहुंच सकती हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल ने CME प्रणाली में कुछ अहम सुधार किए हैं।वर्तमान में काउंसिल के तहत लगभग दो लाख चिकित्सक कार्यरत हैं। हर पांच साल में इनका मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण किया जाता है, जिसके लिए क्रेडिट पॉइंट्स की आवश्यकता होती है। पहले ये पॉइंट्स शैक्षणिक सेमिनारों में भाग लेकर ही मिलते थे, लेकिन अब ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं जैसे नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, शल्य चिकित्सा और अन्य समाजसेवी स्वास्थ्य गतिविधियों में भाग लेने से भी ये पॉइंट्स मिलेंगे।इससे युवा चिकित्सकों को ग्रामीण स्वास्थ्य समस्याएं समझने का अवसर मिलेगा, वहीं शहरी चिकित्सक वैज्ञानिक रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य स्थिति का अध्ययन कर सकेंगे। पहले से कई डॉक्टर ऐसी सेवा कर रहे हैं, अब इसे CME प्रणाली में औपचारिक मान्यता दी जाएगी।
मुख्य सुधार:
● गांवों में आयोजित चिकित्सा या सर्जिकल शिविरों में 3 घंटे सेवा पर 1 पॉइंट और 6 घंटे सेवा पर 2 पॉइंट दिए जाएंगे।
● इन पॉइंट्स से मेडिकल लाइसेंस नवीनीकरण में सहायता मिलेगी।
● मुख्यमंत्री सहायता निधि, धर्मादाय अस्पताल, और सरकारी मेडिकल कॉलेजों सहित लगभग 4,500 अस्पताल इस योजना में शामिल हैं।
● 9,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अब तक हो चुका है, जो मुख्यमंत्री सहायता कक्ष, धर्मादाय आयुक्त व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से आयोजित किए गए हैं।
● इन शिविरों में करीब 50% पंजीकृत डॉक्टर भाग लेते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ इलाज संभव होता है।


