मुंबई वार्ता संवाददाता

कॉनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कैट के तत्वावधान में नागपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय व्यापारी जुटान आज उत्साह और ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


देशभर से आए 40 से अधिक प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और हजारों व्यापारियों ने इस जुटान में भाग लेकर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और व्यापारिक जगत को सशक्त बनाने हेतु गहन मंथन किया।इस दो दिवसीय आयोजन का केंद्र बिंदु रहा — *‘स्वदेशी संकल्प’*, जिसके तहत सर्वसम्मति से यह मत रखा गया कि भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और मज़बूत बनाने के लिए देश में बने उत्पादों की खपत बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है।


व्यापारियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने व्यवसायों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे और उपभोक्ताओं को भी स्वदेशी वस्तुएं खरीदने हेतु प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर *कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया ने कहा*, “भारत के खुदरा बाजार का सबसे बड़ा आधार हमारे देश के छोटे और मध्यम व्यापारी हैं, जो हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले में उपभोक्ताओं तक आवश्यक वस्तुएँ समय पर पहुंचाते हैं। दुर्भाग्यवश वर्षों से उन्हें ‘छोटा व्यापारी’ कहकर उनका महत्व कम आँका गया है, जबकि यही वर्ग देश की आर्थिक रीढ़ है। अब समय आ गया है कि हम बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बजाय अपने देशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और स्वदेशी व्यापार को राष्ट्र निर्माण का प्रमुख आधार बनाएं।”
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं संसद सदस्य प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को मूर्त रूप देने के लिए व्यापारियों को अग्रणी भूमिका निभानी होगी। अब हमें केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक भविष्य का निर्माण करना है। हम हर राज्य, हर जिले और हर कस्बे में ‘स्वदेशी व्यापारी जुटान’ का आयोजन करेंगे और ‘स्वदेशी संकल्प यात्रा’ के माध्यम से जन-जन तक यह संदेश पहुँचाएंगे। यह अभियान देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा और लाखों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा।”
■ अभियान की प्रमुख घोषणाएं
व्यापारी जुटान के समापन सत्र में निम्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए —स्वदेशी स्वावलंबी भारत अभियान के तहत देशभर में जिला, तहसील और कस्बा स्तर तक ‘स्वदेशी व्यापारी जुटान’ आयोजित किए जाएंगे।
एक राष्ट्रीय समिति का गठन कर देशभर में स्वदेशी संकल्प यात्रा और स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे।
अभियान को सशक्त बनाने हेतु पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी।
डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में डिजिटल स्वदेशी हेतु एक केंद्रीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
अभियान के लिए संसाधन जुटाने हेतु स्वदेशी व्यापार कोष का निर्माण किया जाएगा।
ऑनलाइन व्यापार से हो रही समस्याओं को देखते हुए ई-कॉमर्स के लिए एक स्वतंत्र नियामक आयोग के गठन की मांग सरकार से की जाएगी, जिससे ऑनलाइन व्यापार व्यवस्था को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जा सके।
एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी जो संपूर्ण अभियान के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करेगी।
● देशभर से व्यापक सहभागिता
इस महत्वपूर्ण जुटान में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, कैट, व्यापारी सुरक्षा फोरम, हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (रजि.) अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ सहित देशभर के 40 से अधिक व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर स्वदेशी संकल्प को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का दृढ़ निश्चय व्यक्त किया।
शंकर ठक्कर ने अपने सुझाव में कहा जिस तरह शाकाहारी और मांसाहारी के लिए प्रतीक चिन्ह (लोगो) बनाया गया है उसी तर्ज पर देश में निर्मित उत्पाद के लिए प्रतीक चिन्ह बनाया जाना चाहिए और उसे लोगों को तुरंत दिखे ऐसे जगह पर लगाया जाना चाहिए जिससे लोगों को पता चल सके की विशुद्ध रूप से देसी उत्पाद कौन से हैं। इसी के साथ जिन दुकानों में 100% देश में निर्मित वस्तुएं बिक्री होती हो उन पर “स्वदेशी दुकान” लिखने की अनुमति सरकार द्वारा दी जानी चाहिए जिससे लोगों में जागरुकता आएगी और ज्यादा से ज्यादा लोग स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित होंगे।


