मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के एक होटल में शनिवार शाम UK-आधारित कुख्यात ड्रग माफिया रंजीत सिंह उर्फ राजा कंडोला (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कंडोला पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) जिले के हैपोवाल गांव का रहने वाला था। उसके वकील मनदीप सचदेवा के अनुसार, कंडोला अपने होटल के कमरे में अचेत अवस्था में पाया गया। परिवार के सदस्यों ने उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।वकील ने बताया कि कंडोला हाल ही में नई दिल्ली में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) मामले में दोषसिद्धि के बाद जमानत पर रिहा हुआ था। इसके अलावा, वह धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के एक मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका था, जिसकी सजा को उसने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कंडोला के खिलाफ पंजाब और नई दिल्ली में कई एफआईआर दर्ज थीं। वह 1990 के दशक के अंत में यूके चला गया था, जहां ड्रग तस्करी के धंधे में उतरने के बाद उसकी संपत्ति में अचानक भारी इजाफा हुआ।


भारत में उस पर मेथामफेटामिन और एफेड्रिन से ‘आइस’ (पार्टी ड्रग) बनाने का रैकेट चलाने का आरोप था। साथ ही, पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाकर उसे दिल्ली और विदेशों तक तस्करी करने के आरोप भी थे।कंडोला को पहली बार 1 जून 2012 को जालंधर ग्रामीण पुलिस ने ₹200 करोड़ की आइस (मेथामफेटामिन) बरामदगी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 और 29 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। सितंबर 2012 में वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, लेकिन बाद में नई दिल्ली से दोबारा गिरफ्तार किया गया।
पंजाब पुलिस की एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच कर PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल की। अक्टूबर 2012 में ईडी ने कंडोला की करीब ₹20 करोड़ मूल्य की संपत्तियां कुर्क की थीं, जिनमें आलीशान बंगले, लुधियाना जिले के समराला में 9.5 एकड़ का फार्महाउस, रोपड़ स्थित होटल रूप पैलेस और गुरुग्राम के डीएलएफ सिटी फेज-1 का एक बंगला शामिल था। इन संपत्तियों का पंजीकृत मूल्य लगभग ₹5.6 करोड़ था, जबकि बाजार मूल्य ₹20 करोड़ से अधिक आंका गया।
ईडी का दावा था कि ये संपत्तियां पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में ड्रग सप्लाई से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं। कंडोला के कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी संपर्कों की जांच की गई थी।13 अगस्त 2024 को जालंधर जिला एवं सत्र न्यायालय ने ₹200 करोड़ के ड्रग मामले से जुड़े PMLA केस में राजा कंडोला को नौ साल और उसकी पत्नी राजवंत कौर को तीन साल की सजा सुनाई थी।दो मामलों में बरीदिसंबर 2023 में एक अदालत ने ₹200 करोड़ की आइस तस्करी मामले में कंडोला समेत 13 आरोपियों को बरी कर दिया था।
इस मामले में उसकी गिरफ्तारी जालंधर ग्रामीण पुलिस की अपराध जांच एजेंसी (CIA) के तत्कालीन प्रभारी इंदरजीत सिंह ने की थी, जिन्हें बाद में एक तस्करी मामले में इंस्पेक्टर पद से बर्खास्त कर दिया गया।अदालत ने बरी करते समय कहा था कि जांच अधिकारी इंदरजीत सिंह ‘मानद निरीक्षक’ थे, जबकि वास्तव में वह हेड कांस्टेबल थे और एएसआई से कम रैंक का अधिकारी एनडीपीएस मामले की जांच नहीं कर सकता। साथ ही, आरोप आइस के निर्माण का था, जबकि बरामदगी हेरोइन की दिखाई गई थी।
वर्ष 2024 में लुधियाना की एक अदालत ने 2017 के हेरोइन तस्करी मामले में भी कंडोला और उसके सहयोगी गुरनाम सिंह को बरी कर दिया था। दोनों ही मामलों में अदालतों ने पंजाब पुलिस की जांच में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया था।


