70 साल पूरे होने पर तुलसी मानस विद्यालय में एलुमनाई मीट: 67 साल बाद लौटे पूर्व मंत्री, बोले—संस्कारों ने गढ़ा जीवन।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

परेल स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर और श्री तुलसी मानस हिन्दी माध्यमिक विद्यालय के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एलुमनाई मीट सप्ताह का समापन शनिवार को हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ से हुई थी, जिसने पूरे सप्ताह चले इस आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।

यह आयोजन पुराने और नए विद्यार्थियों के संगम का अवसर बना, जहां दशकों बाद लौटे पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यालय की विरासत को फिर से जीवंत किया।कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब राज्य के पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद रमेश दुबे 67 वर्ष बाद अपने पुराने विद्यालय पहुंचे। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उस समय धर्म शिक्षा अनिवार्य थी, जिसने उन्हें समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदार बनाया। उन्होंने कहा कि वही संस्कार आज भी उनके जीवन का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्र ने कहा कि सुंदरकांड से कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की मूल भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 10 से 67 साल बाद लौटे पूर्व छात्र आज भी खुद को इस विद्यालय का हिस्सा मानते हैं, जो इसकी सबसे बड़ी ताकत है।तुलसी मानस मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी माणिक लाल शाह ने पूर्व विद्यार्थियों की बड़ी उपस्थिति पर खुशी जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से संस्था को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा।पूर्व विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष एन.के. पांडेय ने इसे पीढ़ियों को जोड़ने वाला प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन संस्था द्वारा दी गई पहचान को लौटाने और उसे आगे बढ़ाने का संकल्प है।सुंदरकांड के यजमान रामकिशोर दरक ने कहा कि संस्थान ने हिंदीभाषी समाज को शिक्षित कर उन्हें रोजगार और व्यवसाय में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।वहीं, 53 वर्ष बाद लौटे उद्योगपति राजपति तिवारी ने भावुक होकर कहा कि विद्यालय में आकर उन्हें अपना बचपन याद आ गया और आज वे शिक्षकों की सीख का महत्व और अधिक समझ पा रहे हैं।

विद्यालय के प्रिंसिपल अमित सिंह ने कहा कि पूर्व विद्यार्थियों का यह जुड़ाव वर्तमान छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगा और संस्थान के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी पुरानी कक्षाओं का दौरा किया, एक-दूसरे से मुलाकात की और बीते दिनों की यादें ताजा कीं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व छात्र और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

आज के समय में आर्यभट्ट की प्रासंगिकता।

प्रो. शांतिश्री धुलिपूड़ी पंडित (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)/ कुलपति)/स्तंभकार/मुंबई...

दिव्यांगों के हुनर को मिला सम्मान, मुंबई महापौर ऋतु तावड़े ने ‘नेत्रा’ ब्रांड की छतरियों और रेनकोट की सराहना की।

श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा तैयार किए गए...