■ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग; मुंबई के सभी छह जिला कांग्रेस क्षेत्रों में प्रदर्शन।
मुंबई वार्ता संवाददाता

चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को देशभर में ‘लोकतंत्र का काला दिवस’ आंदोलन किया। इसी के तहत मुंबई में भी कांग्रेस की ओर से छह जिला क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने चुनाव आयोग की मदद से ‘वोट चोरी’ की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले कुछ समय से मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोप लगाते रहे हैं। चुनावी सूची में संशोधन को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।


मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा गायकवाड के निर्देश पर मुंबई के सभी छह जिला कांग्रेस क्षेत्रों में यह आंदोलन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
उत्तर मुंबई जिला कांग्रेस की ओर से मालाड में आयोजित आंदोलन में पूर्व मंत्री एवं विधायक असलम शेख, जिला अध्यक्ष राजपति यादव, मुंबई कांग्रेस प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, नगरसेविका अजंता यादव, वीरेंद्र चौधरी, कमरजहां सिद्दीकी, हैदर अली शेख, इंदुप्रकाश तिवारी और अशोक सुत्राले सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
दक्षिण मुंबई में रविकांत बावकर, दक्षिण-मध्य मुंबई में कचरू यादव, उत्तर-मध्य मुंबई में अरशद आजमी, उत्तर-पश्चिम मुंबई में भावना जैन और उत्तर-पूर्व मुंबई में केतन शाह के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। साथ ही कथित चुनावी अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
गौरतलब है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता नामों में कथित बदलाव को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।


