■ अभाविप मुंबई और GPM विद्यार्थी परिषद के आंदोलन के बाद कॉलेज निदेशक ने ज्ञापन स्वीकार किया; विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन।
मुंबई वार्ता संवाददाता

GPM कॉलेज में कुप्रबंधन, अपर्याप्त बुनियादी सुविधाओं, अस्वच्छ शौचालयों और शैक्षणिक अनियमितताओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), मुंबई महानगर और GPM विद्यार्थी परिषद की ओर से किए गए आंदोलन के बाद विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील के साथ बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया गया है।


आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर कॉलेज के निदेशक को ज्ञापन सौंपा गया। निदेशक ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए विद्यार्थियों को हो रही असुविधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। साथ ही, विद्यार्थियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करने और उनके समाधान के लिए ठोस उपाय करने के उद्देश्य से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील के साथ बैठक आयोजित करने की बात कही गई।


अभाविप के अनुसार, कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी, प्रशासनिक खामियों और शैक्षणिक अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्वच्छ शौचालयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की अपर्याप्त व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों ने अपनी नाराजगी जताई थी। इन्हीं समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद की ओर से आंदोलन किया गया।आंदोलन के बाद कॉलेज निदेशक द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने को विद्यार्थी परिषद ने सकारात्मक कदम बताया है। हालांकि, परिषद का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। विद्यार्थियों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन को समयबद्ध तरीके से ठोस कार्रवाई करनी होगी, ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।


अभाविप मुंबई महानगर के मंत्री अभिषेक पवार ने कहा कि मार्च से नवंबर तक विद्यार्थियों की न्यायसंगत मांगों को लेकर जारी संघर्ष को अब सकारात्मक दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को न्याय दिलाने, कॉलेज में व्याप्त कुप्रबंधन को समाप्त करने और उन्हें आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विद्यार्थी परिषद लगातार प्रयास करती रहेगी।
अभिषेक पवार ने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। विद्यार्थियों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना आवश्यक है, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण और जरूरी सुविधाएं मिल सकें।विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को न्याय मिलने और उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई होने तक उसका संघर्ष और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। अब विद्यार्थियों की निगाहें प्रस्तावित बैठक और प्रशासन की ओर से किए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।


