मुंबई वार्ता संवाददाता

पुणे में जहरीली शराब सेवन की घटना के बाद अन्न एवं औषध प्रशासन (एफडीए) एक्शन मोड में आ गया है। प्रशासन ने राज्यभर में मिथेनॉल और अन्य विषैले रसायनों की बिक्री करने वाले लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों की विशेष जांच अभियान शुरू किया है। इसके तहत अगले 15 दिनों में 937 लाइसेंसधारी संस्थानों की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।


एफडीए के अनुसार, अभियान के तहत अब तक 226 प्रतिष्ठानों की जांच पूरी की जा चुकी है। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस की शर्तों के पालन, स्टॉक प्रबंधन, वितरण प्रणाली और बिक्री प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मिथेनॉल जैसे विषैले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा महाराष्ट्र विषारी द्रव्य नियम, 1972 के प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि सभी लाइसेंसधारकों के लिए नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
प्रशासन ने कहा है कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कारण जांच अभियान को और तेज करने के संकेत दिए गए हैं। राज्यभर में औषधि निरीक्षकों द्वारा नियमित जांच जारी रहेगी और मिथेनॉल की खरीद-बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।


