मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा है कि देश में बढ़ता भ्रष्टाचार और नशे का अवैध कारोबार समाज और राष्ट्र की जड़ों को कमजोर कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए एकजुट होने की अपील की।


जारी बयान में बाबूभाई भवानजी ने आरोप लगाया कि आज अधिकांश सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि आम नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई नहीं होती और सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि बिना लेनदेन के फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। उन्होंने दावा किया कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है और भ्रष्टाचार की कीमत अंततः महंगाई के रूप में लोगों को चुकानी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास पैसा है, वे अपना काम आसानी से करा लेते हैं, लेकिन गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के कारण व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
भवानजी ने कहा कि यदि देश को भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार से बचाना है तो समाज के संवेदनशील लोगों को संगठित होकर शांतिपूर्ण जनआंदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि चंद्र कुमार बोस के नेतृत्व में आजाद हिंद फ्रंट का गठन किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस संगठन के माध्यम से भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने और सोशल मीडिया व मोबाइल के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
भवानजी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों का भारत तभी साकार हो सकता है, जब देश से भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार का पूरी तरह उन्मूलन किया जाए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस दिशा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।


