मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा-महायुति सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर मुंबईकरों के टैक्स के पैसे की फिजूलखर्ची करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले नगरसेवकों के लिए लग्जरी कारें खरीदने का फैसला सामने आया और अब मेयर के सरकारी बंगले के नवीनीकरण और आलीशान सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने की तैयारी की जा रही है।


वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महापौर (मेयर) के बंगले पर चार महीने पहले ही लगभग 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन अब फिर से 2.9 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुंबई की सड़कें गड्ढों से भरी हैं, अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ और दवाओं की कमी है, स्कूलों को पर्याप्त निधि नहीं मिल रही और थोड़ी सी बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है, तब जनता के पैसे से सत्ता में बैठे लोगों के लिए शाही सुविधाएं क्यों तैयार की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुंबईकरों की मेहनत की कमाई का पैसा जनता की मूलभूत सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए, न कि जनप्रतिनिधियों की ऐशो-आराम की व्यवस्थाओं पर। कांग्रेस इस तरह की कथित फिजूलखर्ची का विरोध करेगी।
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■ सब भूमि अदानी’ की नीति अपनाई जा रही है ।
वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा-महायुति सरकार उद्योगपति गौतम अदाणी को लगातार सार्वजनिक संपत्तियां सौंप रही है। उन्होंने दावा किया कि अब बेस्ट (BEST) के 22 बस डिपो की लगभग 140 एकड़ जमीन भी अदाणी समूह को देने का निर्णय लिया गया है।
उनका कहना है कि बेस्ट के आधुनिकीकरण के नाम पर उसकी बहुमूल्य जमीन निजी हाथों में सौंपी जा रही है और यह मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के निजीकरण की शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जमीन जाएगी और बाद में बेस्ट बस सेवा भी निजी कंपनियों को सौंप दी जाएगी।
गायकवाड़ ने कहा कि पहले से ही निजी बसों को शहर में बढ़ावा दिया जा रहा है और यदि यही नीति जारी रही तो बेस्ट के हजारों कर्मचारियों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेस्ट के कथित निजीकरण और उसकी जमीन निजी कंपनियों को सौंपने का विरोध जारी रखेगी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुंबई की हर महत्वपूर्ण जमीन अदाणी समूह को ही दी जानी है, तो फिर “मुंबई का नाम बदलकर अदानीनगर ही कर देना चाहिए।”


