मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे टोल विवाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने IRB MP Expressway Pvt Ltd को बड़ी राहत देते हुए मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे लिमिटेड (MPEL) को कंपनी से ₹109 करोड़ से अधिक की राशि बैंक गारंटी या किसी अन्य माध्यम से वसूलने से अंतरिम रूप से रोक दिया है।
यह विवाद कोविड-19 महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन से जुड़ा है। उस समय मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 25 दिनों तक टोल वसूली पूरी तरह बंद रही थी। इसके चलते हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए MPEL ने पहले ही IRB को लगभग ₹71.06 करोड़ का समायोजन (एडजस्टमेंट) दिया था।


बाद में इसी मुआवजे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ और MPEL ने IRB MP Expressway Pvt Ltd से ₹109 करोड़ से अधिक की राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की। मामले की सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिलहाल MPEL को किसी भी तरह की वसूली कार्रवाई करने से रोकते हुए IRB कंपनी को अंतरिम राहत प्रदान की है।
मामले की अगली सुनवाई तक कंपनी के खिलाफ बैंक गारंटी भुनाने या अन्य किसी माध्यम से रकम वसूलने पर रोक रहेगी।


