श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ती आबादी और सार्वजनिक परिवहन की जरूरत को देखते हुए मेट्रो-14 परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में शिलफाटा से बदलापुर तक करीब 25 किलोमीटर लंबे मार्ग के विकास को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिससे बदलापुर और आसपास के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


प्रस्तावित योजना के अनुसार, पहले चरण का कुछ हिस्सा मेट्रो-12A लाइन के समानांतर चलेगा। इससे बदलापुर, निलजे, घणसोली, महापे और शिलफाटा जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
शुरुआत में इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने का प्रयास किया गया था, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण अब इसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल पर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने पर विचार किया जा रहा है।
दूसरे चरण में शिलफाटा से कांजुरमार्ग तक मेट्रो लाइन का विस्तार प्रस्तावित है। इस हिस्से को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके तहत ठाणे खाड़ी के नीचे से मेट्रो सुरंग का निर्माण करना होगा। पर्यावरणीय मंजूरियों और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण इस चरण में अधिक समय लग सकता है।
परियोजना की आर्थिक और तकनीकी व्यवहार्यता तथा संभावित यात्री संख्या का आकलन करने के लिए एक सलाहकार समिति गठित करने की तैयारी चल रही है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम योजना को मंजूरी दी जाएगी।
मेट्रो-14 परियोजना के पूरा होने के बाद बदलापुर, ठाणे, पूर्वी उपनगरों और नवी मुंबई के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।


