मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

मुंबई के भोईवाड़ा स्थित राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ के महात्मा गांधी सभागृह में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस की २८ जनवरी की शाम को सफाई कामगारों की भव्य सभा संपन्न हुई। जिसमें राष्ट्रवादी सफाई कामगार सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद भाई परमार का जन्मदिन भी मनाया गया।
इस मौके पर गोविंद भाई परमार ने पिछले ३८ वर्षों से लंबित सफाई कामगारों की सभी समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सफाई कर्मचारियों के कई मुद्दों को मंच पर उपस्थित सभी नेताओं के समक्ष रखा। परमार ने बताया कि सफाई कामगारों के ऊपर जबरदस्ती थोपे गए जातीय प्रमाणपत्र को हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी किए गए २००४ के परिपत्रक के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र सरकार की लाड पागे समिति की सिफारिश के अनुसार वर्ष २०२४ में जारी किए गए परिपत्रक में हुई त्रुटियों मे सुधार कर उसे मुम्बई समेत पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जाना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के १९९५ के आदेश के अनुसार पूरे भारत के सफाई कार्यों में ठेकेदारी प्रथा बंद होनी चाहिए। सभी बदली सफाई कामगारों उनके देय दावा का भुगतान किया जाना चाहिए और महर्षि बाल्मीकि सुदर्शन असंगठित सफाई कामगार कल्याण बोर्ड तथा आर्थिक विकास मंडल का गठन किया जाना चाहिए।
समारोह में प्रमुख रूप से विधायक और पूर्व मंत्री सचिन अहीर ,विधायक सुनील शिंदे एवं पूर्व महापौर किशोरी ताई पेडणेकर समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मंच पर उपस्थित नेताओं ने परमार की मांगों का समर्थन किया।समारोह को सफल बनाने में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र राय शर्मा, सोशल मीडिया प्रमुख नवीन मकवाना सहित सभी पदाधिकारियों ने प्रमुख भूमिका निभाई।


