मराठा आरक्षण देने में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव, फडणवीस जी; 7 दिन में आरक्षण देने का क्या हुआ? : हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

मराठा आरक्षण देने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति चाहिए और वही भाजपा व देवेंद्र फडणवीस के पास नहीं है। यह आज का सवाल नहीं बल्कि कई सालों से लंबित मांग है। मराठा समाज को दिया गया आरक्षण भाजपा और फडणवीस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इम्पिरिकल डेटा न देने के कारण गंवाया। सत्ता दीजिए, 7 दिन में मराठा आरक्षण देंगे, ऐसा ढिंढोरा पीटने वाले देवेंद्र फडणवीस की घोषणा का क्या हुआ? यह तीखा सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा सरकार को आरक्षण के नाम पर सिर्फ मराठा और ओबीसी समाज में फूट डालनी है।

प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस पार्टी के नेता कोल्हापुर के सांसद श्री शाहू महाराज छत्रपति और सांसद डॉ. कल्याण काले ने टिळक भवन में पत्रकार परिषद लेकर मराठा आरक्षण आंदोलन के संबंध में कांग्रेस पार्टी की भूमिका स्पष्ट की।

इस अवसर पर बोलते हुए सपकाल ने कहा कि, मुंबई में आंदोलन करने की घोषणा मराठा समाज ने तीन महीने पहले की थी लेकिन सरकार ने इन तीन महीनों में कोई पहल नहीं की। अब मराठा समाज को रोका जा रहा है,पहले अनुमति नहीं दी, बाद में केवल एक दिन की अनुमति दी। मुंबई में ट्रैफिक व्यवस्था और स्थिति बिगड़ने की बात कही जा रही है लेकिन इसके लिए भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है। तीन महीने सरकार सोई हुई थी क्या? मुंबई की स्थिति के लिए मराठा आंदोलकों को बदनाम मत करो, ऐसा सपकाल ने कहा।

मुख्यमंत्री रहते हुए एकनाथ शिंदे ने मराठा समाज के आंदोलकारियों से नवी मुंबई में रात में मिलकर चर्चा की थी और छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में गिरकर शपथ ली थी। जीआर निकालने का आश्वासन दिया, गुलाल उड़ाया और शिंदे पर विश्वास कर आंदोलनकारी विजयी भाव से अपने गांव लौटे। लेकिन शिंदे ने दिए हुए आश्वासन का क्या हुआ? मराठा समाज को फिर से आंदोलन क्यों करना पड़ा? एकनाथ शिंदे आज भी सत्ता में हैं, अगर वे मराठा समाज को दिया हुआ वचन निभा नहीं सकते तो उन्हें सत्ता से बाहर हो जाना चाहिए।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार अक्सर दिल्ली जाते रहते हैं, तो अब मराठा समाज के आरक्षण के लिए दिल्ली जाकर 50% आरक्षण की सीमा हटवाकर लाएं। जातिगत जनगणना की जाए यह राहुल गांधी की पुरजोर मांग है। पहले भाजपा ने इसका विरोध किया था, लेकिन आखिरकार जातिगत जनगणना करने का निर्णय घोषित किया गया। लेकिन अब तक उसका अमल नहीं हुआ है।

कांग्रेस शासित तेलंगाना, कर्नाटक ने जातिगत जनगणना की है, वैसी ही महाराष्ट्र में भी करनी चाहिए। सरकार को इस बारे में मार्गदर्शन चाहिए तो हम तेलंगाना के मुख्यमंत्री को बुलाकर राज्य सरकार को बताएंगे कि जातिगत जनगणना कैसे करनी है, ऐसा भी सपकाल ने कहा।कांग्रेस सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण दिया था, जिसे फडणवीस सरकार टिकाए नहीं रख सकी। मराठा आरक्षण को कांग्रेस पार्टी ने कल भी समर्थन दिया था और आज भी समर्थन देती है। यह कोई राजनीतिक प्रश्न नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का प्रश्न है। सत्ता में भाजपा गठबंधन है, इसलिए निर्णय उन्हें ही लेना है।

राजधर्म का पालन कर सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मराठा समाज को आरक्षण देना चाहिए, अगर यह नहीं हो सकता तो उन्हें पद से हट जाना चाहिए हम यह प्रश्न सुलझाएंगे, ऐसा भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।

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