मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में एक कर्मचारी पर महानगरपालिका को कथित रूप से धोखा देकर वेतन लेने के मामले को लेकर तीखी बहस हुई। स्थायी समिति सदस्य एवं नगरसेवक Tejinder Singh Tiwana ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे स्थायी रूप से सेवा से बर्खास्त करने की मांग की।


विषय क्रमांक 14 पर चर्चा के दौरान तिवाना ने आरोप लगाया कि संबंधित शिपाई ने नौकरी के शुरुआती समय को छोड़कर दूसरे वर्ष से ही महानगरपालिका को नुकसान पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी ने काम किए बिना वेतन प्राप्त कर नागरिकों के कर के पैसे का दुरुपयोग किया है।


तिवाना ने कहा कि संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कई बार जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, लेकिन हर बार वह माफी मांगकर सेवा में वापस लौटता रहा और फिर वही गलती दोहराता रहा। उनके अनुसार, इस तरह का व्यवहार न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डालता है बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए भी गलत संदेश देता है।
उन्होंने सदन में मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और कर्मचारियों में अनुशासन कायम रखने के लिए संबंधित कर्मचारी को स्थायी रूप से सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान तिवाना के तीव्र विरोध और अन्य सदस्यों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद संबंधित प्रस्ताव को अंततः नामंजूर कर दिया गया। समिति में यह भावना व्यक्त की गई कि इस निर्णय से महानगरपालिका कर्मचारियों में जवाबदेही और अनुशासन बढ़ेगा तथा करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।


