मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन द्वारा अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के संदर्भ में दिया गया बयान अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना, राष्ट्रहित के खिलाफ और भारतीय सेना के शौर्य का अपमान करने वाला है। देश की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार पर सवाल उठाकर उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को ही कमजोर करने का प्रयास किया है। इसलिए देशविरोधी रुख अपनाने वाले गिरीश महाजन को तत्काल मंत्रिमंडल और भारतीय जनता पार्टी से बर्खास्त किया जाना चाहिए। यह मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


ऑपरेशन ब्लू स्टार किसी धर्म विशेष के खिलाफ कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत को तोड़ने की साजिश रचने वाले सशस्त्र खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक कठिन और आवश्यक अभियान था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने जीवन को खतरा होने की पूरी आशंका के बावजूद देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखते हुए यह कठोर निर्णय लिया था। इसके बाद खालिस्तानी आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी। इस अभियान का नेतृत्व करने वाले महाराष्ट्र के सपूत जनरल अरुण कुमार वैद्य की भी आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। देश की एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन महान व्यक्तित्वों के त्याग का अपमान करने का काम गिरीश महाजन कर रहे हैं।
मंत्री गिरीश महाजन के बयान से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रविरोधी प्रवृत्ति उजागर हुई है। यदि इंदिरा गांधी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार नहीं चलाया होता, तो देश के टुकड़े हो सकते थे। देश की अखंडता के लिए इंदिरा गांधी को अपना बलिदान देना पड़ा, फिर भी महाजन उस निर्णय पर सवाल उठाते हैं, यह अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय है, ऐसा हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।विशेष बात यह है कि देश के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उस समय की सुरक्षा कार्रवाइयों से जुड़े रहे थे। तो क्या गिरीश महाजन उनकी भूमिका की भी निंदा करेंगे? क्या वे उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से हटाने की मांग करेंगे? क्या उनमें इतनी हिम्मत है? ऐसा सवाल भी सपकाल ने उठाया।
भारतीय सेना द्वारा देश की अखंडता के लिए चलाए गए अभियान की तुलना मोहम्मद शाह अब्दाली से करके गिरीश महाजन ने सीधे तौर पर भारतीय सेना का अपमान किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले का महिमामंडन करने का भी प्रयास किया है। देश की संप्रभुता के खिलाफ हथियार उठाने वाले आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति पैदा करने वाली भूमिका अत्यंत गंभीर विषय है।भिंडरांवाले के महिमामंडन वाले कार्यक्रम में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में शामिल होकर देश की एकता और अखंडता के खिलाफ बयान देना क्या राज्य सरकार की आधिकारिक नीति है? इसका स्पष्टीकरण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यह स्पष्ट करें कि क्या वे गिरीश महाजन के बयान से सहमत हैं। यदि वे सहमत नहीं हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से इस बयान की निंदा करते हुए देश और भारतीय सेना से माफी मांगनी चाहिए। अन्यथा यह माना जाएगा कि गिरीश महाजन का बयान भाजपा की आधिकारिक सोच है।भाजपा के नेता वोटों की राजनीति के लिए देश की सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता से समझौता करने को तैयार हैं, यह उनकी भूमिका से स्पष्ट होता है। भारतीय सेना के शौर्य, देश के लिए बलिदान देने वाले नेतृत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा का अपमान करने वाले अपने बयान के लिए गिरीश महाजन को तत्काल देश और भारतीय सेना से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस बयान की निंदा करते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसी मांग हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


