मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात कर राज्य में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में सुधार की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि महाराष्ट्र के मौसम, आषाढ़ी वारी और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसआईआर अभियान को निष्पक्ष, पारदर्शी और सर्वसमावेशी तरीके से संचालित किया जाए तथा फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर रोक लगाकर प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए।


प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक असलम शेख, अमीन पटेल, भाई जगताप, चरणसिंह सप्रा, प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, अखिलेश यादव, जावेद जुनेजा, मंदार पवार और हिना गजाली सहित अन्य नेता शामिल थे। इस दौरान मुंबई में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विस्तृत और रचनात्मक चर्चा हुई।


बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि संविधान ने 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी का यह अधिकार प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि मुंबई में मतदाता सूची से संबंधित मैपिंग का कार्य पर्याप्त नहीं हुआ है तथा रिटर्निंग ऑफिसरों और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की संख्या भी कम है। इस कारण इनकी संख्या बढ़ाने और जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित हुए नागरिकों और पुनर्वासित परिवारों के नाम मतदाता सूची से हटाए नहीं जाने चाहिए। साथ ही, आषाढ़ी वारी में लाखों श्रद्धालुओं के पंढरपुर जाने और वर्तमान में जारी बारिश के मौसम को देखते हुए एसआईआर अभियान के कार्यक्रम में बदलाव किया जाना चाहिए।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में अगले तीन वर्षों तक कोई बड़ी चुनावी प्रक्रिया नहीं है, इसलिए एसआईआर अभियान को जल्दबाजी में चलाने के बजाय पर्याप्त समय देकर पूरा किया जाना चाहिए। किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे कम से कम सात दिन पूर्व लिखित नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर सभी राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। निष्कासित इमारतों, चॉलों और झुग्गी बस्तियों से विस्थापित नागरिकों के मतदान अधिकार सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। ऑनलाइन माध्यम से कथित तौर पर फर्जी नाम जोड़ने की शिकायतों की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
वर्षा गायकवाड़ ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है।


